रेणुकाजी मेले में देवताओं के स्वागत की तैयारियां जोरों पर
कई वर्षों बाद सुधरी गिरि नदी को जाने वाले मार्ग की हालत
मेले की तैयारियों को लेकर लोक निर्माण ने भी झोंकी ताकत
संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। अंतरराष्ट्रीय मेला श्री रेणुकाजी के मद्देनजर देवताओं के स्वागत की तैयारियां जोरों पर हैं। लोक निर्माण विभाग ने देवताओं के स्वागत को लेकर अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। ददाहू से लेकर रेणुकाजी तीर्थ तक जहां सड़कों व पुलों आदि की मरम्मत की जा रही है।
वहीं देवताओं के मार्ग को भी चकाचौंध किया जा रहा है। ददाहू बाजार से गिरि नदी (श्मशानघाट) की ओर जाने वाले मार्ग को पक्का किया जा रहा है। कई वर्षों बाद इस मार्ग की हालत सुधर गई है।
बता दें कि मेले के उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री देवताओं को कंधा देने इसी मार्ग से होकर गुजरेंगे। वहीं शोभायात्रा के मार्ग को भी पक्का किया जा रहा है जहां से देवताओं की सवारी शान से निकलेगी।
इस मर्तबा देवताओं को स्थानीय गिरि नदी से रवाना किया जाना है। इसको लेकर गिरि की ओर जाने वाले दोनों मार्गों को पक्का किया जा रहा है। करीब 400 मीटर के दायरे में छह लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी। वहीं इस मर्तबा देवताओं के ठहराव के लिए गिरि नदी में विशेष पंडाल भी तैयार किया जाएगा जहां से मुख्यमंत्री देवताओं की रवानगी करने के साथ मेले का विधिवत शुभारंभ करेंगे।
गिरि नदी में अस्थायी पुल को स्थापित करने का कार्य भी प्रगति पर है। आगामी 15 नवंबर से पहले गिरि नदी पर अस्थायी पुल स्थापित कर लिया जाएगा। इस कार्य को भी लोक निर्माण विभाग ने ठेके पर दिया है। गिरि नदी पर अस्थायी पुल स्थापित करने के लिए नदी के रुख को भी मोड़ा गया है ताकि मेले के दौरान किसी हादसे के अंदेशे से बचा जा सके।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता दिलीप चौहान ने बताया कि रेणुकाजी मेले से संबंधित तमाम तैयारियां जोरों पर है। मुख्यमंत्री सहित देवताओं व श्रद्धालुओं के गुजरने वाले मार्ग को पक्का किया जा रहा है।
सड़कों की मरम्मत का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से सभी तैयारियां 20 नवंबर से पहले ही पूर्ण कर ली जाएंगी।
ददाहू में गिरि नदी को जाने वाले मार्ग को बजरी से समतल करती मशीनरी। संवाद