ग्रामीण बोले, ऐसी जगह बनाई गई है वर्षाशालिका, जहां पर नहीं है कोई बस का ठहराव
संजय गुप्ता
कालाअंब (सिरमौर)। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में विकास कार्यों की लापरवाही एक बार फिर सुर्खियों में है। कालाअंब-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे-07 पर मैनथापल इलाके में करीब डेढ़ दशक पहले विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के सौजन्य से बनाई गई वर्षाशालिका आज तक उपयोग में नहीं लाई जा सकी है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक इस वर्षाशालिका का निर्माण यात्रियों की सुविधा के उद्देश्य से किया गया था, ताकि बारिश या धूप में लोगों को ठहरने की जगह मिल सके। हकीकत में यह ढांचा आज तक किसी काम नहीं आ पाया।
यहां न तो कोई बस ठहराव निर्धारित है, और न ही कोई यात्री इस शेल्टर में ठहरता दिखाई देता है। लोगों में मनोज कुमार, रविंद्र, अशोक, जितेंद्र, विनोद, अनमोल और शिव राम ने बताया कि यह वर्षाशालिका निर्माण के बाद से ही व्यर्थ पड़ी है। समय के साथ इसकी हालत जर्जर होती जा रही है और आसपास की सफाई व्यवस्था भी बदहाल है।
ये वर्षाशालिका नशेड़ियों की आरामगाह भी बनी हुई है। कालाअंब मुख्य चौक पर जहां हर रोज सैकड़ों यात्री बसों का इंतजार करते हैं, वहां न तो कोई वर्षाशालिका है और न ही बैठने का कोई उपयुक्त स्थान है। लोगों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि मैनथापल में बेकार पड़ी वर्षाशालिका को कालाअंब मुख्य चौक पर यात्रियों की सुविधा के लिए स्थानांतरित किया जाए ताकि उसका लाभ यात्रियों को मिल सके।
इस संदर्भ में टीसीपी विभाग के अधिकारी राजीव चौहान ने बताया कि उक्त वर्षा शालिका को आवश्यकतानुसार एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरण का दायित्व स्थानीय ग्राम पंचायत का है। लिहाजा, ग्राम पंचायत इसे मैनथापल से कालाअंब स्थानांतरित कर सकती है।
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