पांवटा-धौलाकुआं क्षेत्र में कई खेतों में धान की फसल बिछी, सिंचाई खर्च बचा लेकिन रोग और मौसम की मार की होगी मार
भजन चौधरी
धौलाकुआं (सिरमौर)। पांवटा-धौलाकुआं क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं ने धान उत्पादकों की चिंता बढ़ा दी है। वीरवार को तेज बारिश के साथ आए तूफान से कई जगह धान की फसल जमीन पर बिछ गई। फसल गिरने से किसानों को उत्पादन प्रभावित होने और आर्थिक नुकसान की आशंका है। किसानों का कहना है कि इस वर्ष लगातार बारिश के कारण धान की फसल में सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ी, जिससे सिंचाई पर होने वाला खर्च बचा है, लेकिन अब मौसम की मार से यह राहत नुकसान में बदलने का खतरा बना हुआ है।
किसान देवेंद्र चौधरी, रामस्वरूप और रोशन लाल ने बताया कि बीते एक सप्ताह से क्षेत्र में बारिश के साथ तेज हवाएं चल रही हैं। जिन किसानों ने साठा धान लगाया है, उनके खेतों में फसल पकने की स्थिति में पहुंच रही है। ऐसे समय में तेज हवा से फसल गिरने पर दाने की गुणवत्ता और उत्पादन प्रभावित होने की चिंता बनी हुई है। किसानों के अनुसार धान की फसल पहले ही बौना रोग की चपेट में आने से प्रभावित हुई है। उनका दावा है कि कई खेतों में करीब 25 प्रतिशत तक फसल का नुकसान हो चुका है। अब लगातार बारिश और तेज हवाओं से अतिरिक्त नुकसान की आशंका है, जिससे किसानों की आमदनी पर भी असर पड़ सकता है।
पानी की निकासी से बच सकता है अतिरिक्त नुकसान
कृषि विभाग के एसएमएस मनजीत सिंह ने बताया कि जिन खेतों में धान की फसल में बालियां आ चुकी हैं, वहां अतिरिक्त पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। खेतों में लंबे समय तक पानी रहने से मिट्टी में नमी बढ़ जाती है और फसल गिरने की संभावना रहती है। उन्होंने किसानों को खेतों से पानी की निकासी करने और खेतों को खाली रखने की सलाह दी है। कृषि विभाग की सलाह के अनुसार पानी की उचित निकासी से फसल गिरने से होने वाले संभावित नुकसान को कम किया जा सकता है। संवाद