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Sirmour News: चेक बाउंस मामले में एक साल की कैद, एक लाख जुर्माने की सजा बरकरार

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नाहन अदालत ने ट्रायल कोर्ट का फैसला बरकरार रखा, दोषी की अपील खारिज
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साल 2016 में राजगढ़ क्षेत्र का मामला, भूमि विकास के लिए लिया था 1.50 लाख का ऋण
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के चेक बाउंस मामले में अदालत ने दोषी शमशेर सिंह की अपील खारिज कर दी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नाहन गौरव महाजन ने ट्रायल कोर्ट की ओर से सुनाई गई एक साल की कैद और एक लाख रुपये मुआवजा राशि के आदेश को सही ठहराया है।
यह मामला साल 2016 का है। राजगढ़ शाखा के बैंक ने आरोपी शमशेर सिंह को भूमि विकास के लिए 1.50 लाख रुपये का ऋण दिया था। उसने ऋण अदायगी के लिए 70,167 रुपये का चेक जारी किया, लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर चेक अपर्याप्त धनराशि के कारण बाउंस हो गया। इसके बाद बैंक ने आरोपी को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन तय अवधि में भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद बैंक ने राजगढ़ न्यायालय में वाद दायर किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट, राजगढ़ ने 31 जनवरी 2025 को आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा और मुआवजा अदा करने का आदेश दिया था। इसी फैसले को आरोपी ने नाहन अदालत में चुनौती दी थी।
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अपील की सुनवाई के दौरान आरोपी ने तर्क दिया कि ऋण उसके पिता ने लिया था और उसने कोई चेक जारी नहीं किया। हालांकि अदालत ने पाया कि चेक आरोपी के खाते का था और उस पर उसके हस्ताक्षर भी थे। अदालत ने यह भी माना कि आरोपी नोटिस मिलने के बावजूद भुगतान करने में विफल रहा और अपने बचाव में कोई साक्ष्य पेश नहीं कर सका। इसी आधार पर अदालत ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए आरोपी की अपील खारिज कर दी।
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