संवाद न्यूज एजेंसी
सतौन (सिरमौर)। क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं और प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ रविवार को सतौन में गुस्से का गुब्बार फूट पड़ा। क्षेत्र की तीन बड़ी समस्याओं को लेकर लोगों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया।
दरअसल, बड़ी संख्या में लोग सुबह के समय क्षेत्र की समस्याओं को लेकर उद्योग मंत्री को ज्ञापन देने के लिए सतौन में जमा हुए। उद्योग मंत्री का शिलाई दौरा प्रस्तावित था। ऐसे में जब मंत्री का काफिला सतौन में नहीं रुका तो लोग आक्रोशित हो उठे और जमकर नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया कि अब कोरे आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, धरातल पर काम चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने सतौन से रेणुका जी मार्ग को शीघ्र पक्का करने, जर्जर सतौन पुल की हालत सुधारने और सतौन उप-तहसील को बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल 2022 से पहले इसका उद्घाटन हुआ था और हफ्ते में दो दिन तहसीलदार बैठते थे। अब यह सुविधा बंद होने से जनता को तहसील के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इसे तुरंत सुचारु किया जाए।
प्रदर्शनकारियों में पूर्व प्रधान रजनीश चौहान, पूर्व बीडीसी उपाध्यक्ष कुलदीप शर्मा, अधिवक्ता दिनेश सिंह चौहान ने कहा कि अगर तय समय सीमा के भीतर इन मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आगामी दिनों में आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा।
इस प्रदर्शन में परशुराम सेवा समिति के अध्यक्ष तरुण शर्मा, समाज सेवक विजेंद्र तोमर, मनोज पुंडीर, व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष सतीश शर्मा, सुरेंद्र चौहान, गोपाल ठाकुर, हरिचंद शर्मा, सुखदेव तोमर, राजेंद्र शर्मा, हिरदाराम पुंडीर, कमलेश सिंह, रोहित, प्रवीण, मनीष चौहान सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
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क्षेत्र की समस्याओं को लेकर सतौन में प्रदर्शन करते लोग। संवाद