फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sirmour News: निजी बस ऑपरेटर यूनियन ने सरकार से उठाई किराये में बढ़ोतरी की मांग

विज्ञापन
विज्ञापन
डीजल मूल्य वृद्धि और स्पेयर पार्ट्स की महंगाई से निजी बस ऑपरेटरों की टूटी कमर
विज्ञापन

-
संवाद न्यूज एजेंसी
धौलाकुआं (सिरमौर)। डीजल की कीमतों में हुई हालिया बढ़ोतरी ने निजी बस ऑपरेटरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा कर दिया है। लगातार बढ़ते डीजल के दाम और कल-पुर्जों की महंगाई के चलते अब बसों का संचालन घाटे का सौदा बन गया है। निजी बस यूनियन का कहना है कि डीजल में प्रति लीटर 3 रुपये की बढ़ोतरी से जिले की एक निजी बस पर मासिक लगभग 4,500 से 5,000 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
यूनियन के प्रधान बलविंद्र सिंह, महासचिव अखिल शर्मा, राजेश और सूरत पुंडीर ने बताया कि जिला सिरमौर में लगभग 168 निजी बसें ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा दे रहीं हैं। एक बस औसतन 250 किलोमीटर चलती है और रोजाना 50 लीटर डीजल की खपत होती है। डीजल के दाम बढ़ने से जिले की सभी निजी बसों पर कुल मिलाकर महीने में करीब 4.95 लाख रुपये का अतिरिक्त भार पड़ रहा है, जो सालाना आधार पर लगभग 4.90 करोड़ से 9 करोड़ रुपये के आसपास बैठता है।
विज्ञापन

बस मालिकों ने दोहरी मार का जिक्र करते हुए कहा कि बीते तीन सालों में वाहनों के कल-पुर्जों (स्पेयर पार्ट्स) की कीमतों में 30 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन बसों का किराया पुराने स्तर पर ही बना हुआ है। ऑपरेटरों ने आरोप लगाया कि सरकार निगम (एचआरटीसी) की बसों के संचालन के लिए करोड़ों रुपये का अनुदान देती है, फिर भी निगम घाटे में है, जबकि निजी बस मालिक बिना किसी सरकारी मदद के महंगाई की मार झेलने को मजबूर हैं।
विज्ञापन

बस यूनियन ने सरकार से मांग की है कि डीजल के अनुपात में तत्काल बस किराया बढ़ाया जाए। अगर किराया वृद्धि नहीं की गई, तो बसों का संचालन जारी रखना असंभव हो जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था ठप हो सकती है।
-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें