पावटा साहिब में जलभराव रोकने को लेकर नहीं बना कोई मास्टर प्लान
-दो दशकों से बरसात में आधा दर्जन से अधिक वार्ड जलभराव से रहते हैं प्रभावित, ये मुद्दा केवल निकाय चुनाव तक ही सीमित
-एनएच पर भूपपुर-केदारपुर के समीप, शहर बद्रीपुर और बाजार में रिहायशी घरों, दुकानों में रहती है जलभराव की समस्या
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश में नगर निकाय चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। हर बार चुनाव के दौर में हर प्रत्याशी और पार्टी के समर्थित प्रत्याशी विकास के मुद्दों को लेकर चुनाव में उतरते हैं। पांवटा नगर परिषद क्षेत्र में कुल 13 वार्ड हैं, इनमें से बरसात के समय करीब सात वार्डों में जलभराव की ज्वलंत समस्या रहती है। पिछले दो दशकों से शहरी क्षेत्र की इस समस्या के समाधान के लिए कोई मास्टर प्लान तैयार नहीं हो सका है। हर पार्टी, नेता व प्रत्याशी जलभराव की समस्या के लिए कार्य करने का आश्वासन ही देते आ रहे हैं। अब तक भी ठोस समाधान नहीं होने से बरसात में कई रिहायशी मकानों, दुकानों और एनएच पर भी जलभराव होता रहा है।
इस मुद्दे को लेकर शहरी क्षेत्र के लोगों के बीच जाकर चर्चा की गई। शहर के वासियों ने बताया कि पिछले कई वर्षों से अलग-अलग वार्डों में कामचलाऊ जलभराव रोकने की व्यवस्था पर काफी बजट खर्च किया जाता रहा है। अभी भी समय रहते मास्टर प्लान तैयार किया जा सकता है। शहर के वार्ड नंबर एक, दो, वार्ड नंबर चार, वार्ड नंबर पांच, वार्ड सात, वार्ड आठ और वार्ड नंबर 13 एकता कालोनी के बाहर सड़क पर जलभराव की समस्या से लोग परेशान रहते हैं।
समाजसेवी आरपी तिवारी ने कहा कि पिछले दो दशकों से जलभराव की समस्या वार्ड-10 और वार्ड 9 की कुछ सड़कें व गलियों में हर बरसात में समस्या विकराल हो चुकी है। आज तक भी दर्जनों परिवारों को बरसात आते ही चिंता सताने लगती है। देवीनगर के रिहायशी घरों में पानी घुस जाता है। चुनाव के दौरान मुद्दा उठता है, आज तक भी कोई ठोस समाधान नहीं हो सका है।
वार्ड-8 के निवासी युवा व्यवसायी निखिल कपिल ने बताया कि शहरी क्षेत्र के मुख्य बाजार में डॉ. ज्ञान चंद खुराना गली में आज भी जलभराव की समस्या जस की तस ही है। बरसात में बारिश होते ही दो से तीन फुट तक पानी भर जाने से गली तालाब का रूप ले लेती है। इस दौरान छोटे वाहनों और लोगों को पैदल तक चलना कठिन होता है।
पांवटा साहिब के वार्ड-5 के निवासी पुनीत शर्मा ने कहा कि कोई मास्टर प्लान तैयार नहीं होने के चलते हर वर्ष बरसात के मौसम में क्षेत्र वासियों को काफी दिखाते उठानी पड़ती है। इसके मुख्य कारणों में जल निकासी नालियों के ऊपर अवैध अतिक्रमण से कुछ स्थलों पर निकासी बंद होना और नालियों की नियमित सफाई नहीं होना व्यवस्था है।
पांवटा साहिब के वार्ड- 13 की बैंक कॉलोनी निवासी समाजसेवी मनिंद्र सिंह मन्नी और दिनेश शर्मा ने बताया कि इस वार्ड में काफी जलभराव होता है। शहरी क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था के लिए प्रशासन, नगर परिषद ने अब तक कोई ठोस मास्टर प्लान तैयार ही नहीं किया है। तारुवाला की तरफ से पानी शिवा कॉलोनी के सेक्टर एक से तीन की कुछ गलियों में तो जलभराव हर बरसात में होता है। इसके लिए अब तक कामचलाऊ व्यवस्था पर बजट खर्च किया जाता रहा है।
नगर परिषद पांवटा साहिब की कार्यकारी अधिकारी कंचन बाला ने बताया कि शहरी क्षेत्र के कुछ वार्डों में बरसात के दौरान जलभराव समस्या रहती है। जल निकासी का उचित प्रबंध करने के हरसंभव प्रयास होते रहे हैं। पिछले वर्षों में कुछ वार्डों में जल निकासी नालियों की बेहतर व्यवस्था करने के लिए कार्य भी हुए है। अभी तक कोई मास्टर प्लान जल निकासी व्यवस्था के लिए तैयार नहीं हुआ है।
संवाद
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