नाहन (सिरमौर)। प्रदेश में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से बजट में की गई घोषणाओं को संबंधित विभागों ने अमलीजामा पहना शुरू कर दिया है। इस दिशा में सबसे पहले प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नये स्थापित होने वाले उद्योगों तथा पहले से ही स्थापित उद्योगों के नवीनीकरण की मंजूरी के लिए लगने वाली पर्यावरण फीस में कटौती कर उद्योगों को राहत प्रदान की है। ये राहत ‘ग्रीन’ एवं ‘औरेंज’ उद्योगों के लिए दी गई है।
बजट घोषणा के अनुरूप राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नए स्थापित होने वाले उद्योगों व पूर्व स्थापित उद्योगों के नवीनीकरण की मंजूरी के लिए लगने वाली पर्यावरण फीस ‘ग्रीन’ व ‘औरेंज’ श्रेणी के उद्योगों के लिए 1 अप्रैल 2016 से क्रमश: 25 व 10 प्रतिशत घटाने बारे अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही इन श्रेणी के उद्योगों को स्थापित करने की स्वीकृतियां स्वयं सत्यापन आधार पर ही जारी हो सकेंगी। साथ ही इसके लिए किसी पूर्व निरीक्षण की आवश्यकता नहीं होगी। यह सुविधा राज्य सरकार के अधिकृत औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित किए जाने वाले उद्योगों पर लागू होगी।
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक ज्ञान सिंह चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना के तहत स्थापित होने वाले उद्योगों का तीन साल तक विभागाध्यक्ष की अनुमति के बिना निरीक्षण नहीं होगा। इसके लिए उद्यमियों की ओर से स्वयं सत्यापन ही पर्याप्त होगा। इस बारे में अलग से अधिसूचना जारी कर दी गई। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष के बजट में मुख्यमंत्री ने उद्योगों के लिए बहुत सारी राहत प्रदान करने वाली घोषणाएं की हैं, जिसके बारे में संबंधित विभागों द्वारा अलग से अधिसूचना जारी की जानी है। इस दिशा में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मुस्तैदी दिखाते हुए आवश्यक नोटिफिकेशन जारी करके उद्योगों को राहत देने का काम किया है। इससे निश्चित ही औद्योगिकीकरण को ओर बढ़ावा मिलेगा।
-----------------------------------------------