मुख्य सचेतक नरेन्द्र बरागटा बचत भवन में बैठक की अध्यक्षता करते हुए।
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नाहन (सिरमौर)। मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा ने कहा है कि हिमाचल सरकार ने कोविड संकट में बेहतरीन कार्य किया है। कोरोना संकट के बीच विकासात्मक कार्य प्रभावित हुए हैं। उनकी गति को अब तेज किया जा रहा है। वह नाहन में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने बचत भवन में कोविड-19 के प्रबंधों और विकासात्मक कार्यों की समीक्षा बैठक की भी अध्यक्षता की।
उन्होंने कहा कि जिला सिरमौर में अब तक 95 प्रतिशत कोविड-19 के पॉजिटिव केसों का पता लगाया गया है। सुखद यह है कि यहां कोरोना से किसी की मृत्यु नहीं हुई। जिला में कोरोना टेस्ंिटग लैब की स्थापना की गई। जिला में हिमाचल का पहला आयुष समर्पित कोविड केयर अस्पताल का कार्य भी प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि सिरमौर हिमाचल का पहला ऐसा जिला है जहां कोविड 19 से लड़ने के लिए लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए आयुष किट और चमनप्राश को लांच किया। जिला सिरमौर में सेल्यून, बार्बर, ब्यूटी पार्लर और जिम संचालकों को प्रशिक्षण देकर एसओपी जारी किए गए। उन्होंने कोरोना वॉरियर्स की भी सराहना की।
उन्होंने बताया कि जिला सिरमौर में लॉकडाउन के दौरान मनरेगा के तहत 7927 परिवारों को रोजगार उपलब्ध करवाया गया है जिसके तहत 15 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई है। बताया कि जिला सिरमौर में अब सीमेंट की कमी होने के कारण मनरेगा के कार्य नहीं रुकेंगे। सीसीआई राजबन से सीमेंट की उपलब्धता के लिए अनुबंध किया गया है। बैठक में नाहन के विधायक डॉ. राजीव बिंदल, पच्छाद की विधायक रीना कश्यप, शिलाई के पूर्व विधायक एवं भाजपा प्रवक्ता बलदेव तोमर, उपायुक्त डॉ. आरके परूथी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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