परिजन नौकरी का झांसा देकर 45 लाख की ठगी का एजेंट पर लगा चुके आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। अमेरिका में वापस भेजे युवक से मिलने के लिए एसएचओ की अगुवाई में पुलिस टीम उनके घर पहुंची। उन्होंने युवक का कुशलक्षेम पूछा तथा हरसंभव सहायता का आश्वासन भी दिया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिरमौर योगेश रोल्टा ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद एसएचओ कालाअंब कुलवंत सिंह कंवर की अगुवाई में टीम को गुमटी गांव में भेजा गया। उन्होंने बताया कि परिवार ने मीडिया में एजेंट पर गुमराह कर 45 लाख रुपये की ठगी के आरोप लगाए हैं। मामले की गंभीरता को लेकर पुलिस हर तरह से पीड़ित परिवार के साथ है। एएसपी ने बताया कि पीड़ित परिवार को पुलिस टीम ने आश्वासन दिया है कि वे हर प्रकार की सहायता को लेकर उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि यदि पीड़ित पुलिस में शिकायत देते हैं तो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। एएसपी ने बताया कि फिलहाल पुलिस से शिकायत नहीं की गई है।
रितेश के पिता शमशेर सिंह ने बताया कि पुलिस टीम के उनके घर पहुंचने से परिवार को हिम्मत मिली है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जो भी मामले में आरोपी है उन्हें वह बक्शेगी नहीं।
गौरतलब है कि गुमटी गांव के युवक रितेश को मुंबई में अमेरिका की एक दवा कंपनी में नौकरी देने का झांसा देकर एजेंट ने फर्जी तरीके से अमेरिका पहुंंचाया था। आरोप है कि अमेरिका पहुंचाने से पहले कई देशों में ले जाया गया। यहां पर उसे टार्चर करके घरवालों से पैसों की मांग की गई। परिजनों ने अपने बेटे की सलामती के लिए कई किस्तों में 45 लाख रुपये की राशि एजेंट को हरियाणा के नारायणगढ़ में कैश दी। रितेश 23 अगस्त 2024 को मुंबई में अमेरिका की दवा कंपनी में नौकरी के लिए गया था। चंद रोज में ही एजेंट ने घरवालों को बताया कि उनके बेटे का वर्क वीजा लग चुका है, उसे अमेरिका भेजा जा रहा है, नौकरी वहीं करनी पड़ेगी। इसके बाद हाल ही में 25 जनवरी को रितेश अमेरिका में पहुंचा था, जहां पर उसे सीबीपी ने अपनी कस्टडी में ले लिया था। इसके बाद उसकी घर वापसी हुई।