ददाहू/ रेणुका (सिरमौर)। सोमवती अमावस्या के शुभ अवसर पर सोमवार को प्रमुख धार्मिक स्थल रेणुका में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मां रेणुका की पवित्र झील में स्नान के लिए सैकड़ों लोगों ने श्रद्धा की डुबकी लगाई। झील में स्नान कर श्रद्धालुओं ने मोक्ष प्राप्ति की कामना की।
सोमवार को सुबह ब्रह्म मुहूर्त में रेणुका तीर्थ में स्थित सभी संत महात्माओं ने रेणुका झील में डुबकी लगाकर शाही स्नान किया तथा स्नान महातम्य का शुभारंभ किया। इसके पश्चात बारी-बारी से सभी श्रद्धालुओं ने झील में स्नान करके पुण्य कमाया। स्नान का सिलसिला सुबह ब्रह्म मुहूर्त से शुरू होकर सोमवार देर शाम तक जारी रहा।
स्नान करने वाले श्रद्धालुओं में महिलाओं की संख्या पुरुषों से कहीं अधिक थी। सोमवती अमावस्या पर रेणुका झील में स्नान करने की परंपरा सदियों पुरानी है। इस दिन रेणुका झील में किए गए स्नान को गंगा स्नान से बढ़कर माना जाता है। मान्यता है कि रेणुका झील में स्नान करने से यहां पाप नष्ट होते हैं। वहीं, मोक्ष की प्राप्ति भी होती है तथा पितृ दोष से मुक्ति भी मिलती है। इस शुभ मौके पर कुछ युवतियों ने अपने लिए योग्य वर की कामना को लेकर मन्नतें भी मांगी। तीर्थ में स्थित निर्वाण आश्रम में अखंड रामायण पाठ के समापन पर हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें आश्रम के संचालक व महंत स्वामी रेनेंद्र मुनि ने पूर्णाहुति प्रदान की। स्नान के दौरान रेणुका विकास बोर्ड द्वारा श्रद्धालुओं के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए थे।
इस मौके पर निर्वाण आश्रम में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धालुओं ने स्नान के पश्चात पवित्र रेणुका झील की परिक्रमा करके मंदिरों में पूजा-अर्चना भी की तथा देवताओं से अपने लिए आशीर्वाद मांगा।