हजारों श्रद्धालुओं ने श्री रेणुकाजी झील में लगाई आस्था की डुबकी
कार्तिक पूर्णिमा के शाही स्नान को लेकर श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब
संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। अंतरराष्ट्रीय श्री रेणुकाजी मेले के अवसर पर कार्तिक पूर्णिमा के दिन सोमवार को शाही स्नान की परंपरा को निभाया गया। हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र रेणुका झील में आस्था की डुबकी लगाकर शाही स्नान किया।
यह सिलसिला प्रात: ब्रह्म मुहूर्त से शुरू होकर देर शाम तक चलता रहा। जैसे-जैसे दिन निकलता गया, श्रद्धालुओंं का हुजूम भी स्नान घाट की ओर बढ़ता चला गया।
स्नान करने आए श्रद्धालुओं में महिलाओं की संख्या पुरुषों से कहीं अधिक रही। स्नान महात्म्य को लेकर जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध कर रखे थे। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए चार गोताखोर भी स्नान घाट पर तैनात रहे।
सर्वप्रथम प्रात: ब्रह्म मुहूर्त में श्री रेणुकाजी तीर्थ में स्थित संत महात्माओं ने पवित्र झील में शाही स्नान करके इस महात्म्य का शुभारंभ किया। इसके बाद बारी-बारी से सभी श्रद्धालुओं ने झील में डुबकी लगाकर पुण्य की कामना की।
साथ ही रेणुकाजी झील की परिक्रमा करके भगवान परशुराम और माता रेणुकाजी मंदिरों में पूजा अर्चना करके आशीर्वाद भी प्राप्त किया।
कार्तिक पूर्णिमा के दिन ऐतिहासिक रेणुकाजी झील में स्नान करने की परंपरा सदियों पुरानी है। मान्यता के अनुसार इस दिन झील में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है, जिस कारण पूरे उत्तरी भारत के श्रद्धालु इस दिन रेणुका झील में शाही स्नान करने पहुंचते हैं।
स्नान के बाद ही ग्रामीणों ने अपने घरों से लाई देवताओं के नाम की भेंट को भी श्रद्धालुओं ने उनके चरणों में अर्पित किया।
स्नान महात्म्य के दौरान रेणुकाजी तीर्थ में स्थित निर्वाण आश्रम, गायत्री आश्रम व संन्यास आश्रम में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए विशाल भंडारों का आयोजन भी किया गया। इसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण करके पुण्य कमाया। स्नान महात्म्य को लेकर श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह दिखाई दिया।
कार्तिक पूर्णिमा के पावन मौके पर श्री रेणुकाजी झील में पवित्र स्नान करते श्रद्धालुगण। संवाद
कार्तिक पूर्णिमा के पावन मौके पर श्री रेणुकाजी झील में पवित्र स्नान करते श्रद्धालुगण। संवाद