नाहन (सिरमौर)। आईपीएच महकमे की पेयजल सप्लाई संदेह के घेरे में आने लगी है। टैंक खुले होने से आईपीएच का पानी ‘जहर’ बनकर लोगों की सेहत पर भारी पड़ सकता है। सिरमौर जिले की आंबवाला-सैनवाला पंचायत में ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां पेयजल टैंक में किसी तरह के ढक्कन नहीं है जहां अक्सर जानवर और बंदर मरते रहते हैं। लोगों ने इस संदर्भ में आईपीएच महकमे के अधिकारियों को कई बार अवगत भी करवाया, लेकिन विभाग है कि कोई कदम ही नहीं उठा रहा। अब पंचायत प्रधान ने जब मौके का मुआयना करवाया तो विभाग ने टैंक को जाली से बंद करने का आश्वासन दिया।
पंचायत के लिए सप्लाई होने वाली पेयजल योजना के करीब आधा दर्जन टैंक खुले पड़े हैं। इन्हीं छोटे टैंकों के जरिए पानी स्टोरेज टैंक तक पहुंचता है। हालांकि, स्टोरेज टैंक ढके गए हैं लेकिन फिल्टर टैंक खुले होने के कारण पानी दूषित होने के साथ जंगली जानवरों और बंदरों के मरने की भी आशंका बनी रहती है।
उधर, विभाग का तर्क है कि फिल्टर टैंकों को खुला ही रखा जाता है। सवाल उठता है कि इन टैंकों में किसी हादसे को रोकने के लिए विभाग ने कोई खास कदम नहीं उठाए हैं। बताया जा रहा है कि बीते दिनों इन टैंकों में बंदर मरे पाए गए। आसपास खड़े पेड़ों से गिरने वाले पत्ते भी इन टैंकों में गिरते हैं। इसके अलावा अन्य तरह की गंदगी भी प्रत्यक्ष रुप से इन टैंकों में घुस रही है। ऐसे में ग्रामीणों में पेयजल से दहशत का माहौल पैदा हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि आईपीएच विभाग से इन टैंकों के किनारे व ऊपर सेफ्टी जाली आदि लगाने के लिए कई बार मांग की गई लेकिन विभाग ने कोई कदम नहीं उठाया।
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पंचायत प्रधान ने एसडीओ को दिखाया मौका
आंबवाला सैनवाला पंचायत के प्रधान संदीपक ने शनिवार को संबंधित विभाग के एसडीओ को मौके का दौरा करवाया। इस दौरान महिला मंडल आंबवाला की महिलाएं भी एकत्रित हुई। प्रधान व महिलाओं ने खुले पड़े टैंकों का मुआयना कराने के बाद इस संदर्भ में कार्रवाई की मांग की। पंचायत प्रधान संदीपक ने बताया कि 8 के करीब फिल्टर टैंक ऊपर से खुले पड़े हैं। ऐसे में बीमारियों को न्योता मिल रहा है। मांग की कि इन टैंकों को ढका जाए।
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क्या कहते हैं एसडीओ
उधर, आईपीएच विभाग के एसडीओ नाजिर हुसैन ने बताया कि फिल्टर टैंक को खुले रखने का ही प्रावधान है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की मांग पर टैंक के ऊपर जाली लगाई जाएगी। यह बात उन्होंने मौके पर भी स्वीकार की है। इसके लिए बजट का प्रबंध करवाया जाएगा। यह सुरक्षा की दृष्टि से भी सही है। उन्होंने बताया कि स्टोरेज टैंक को पूरी तरह से ढका गया है।