पीएचसी नौहराधार में पिछले आठ माह से कोई चिकित्सक नहीं है। इसके अलावा संगड़ाह विकास खंड की अन्य पांच पीएचसी भी बिना डॉक्टर के चल रही हैं। हालांकि प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में नौहराधार पीएचसी को अपग्रेड कर सीएचसी का दर्जा दे दिया है।
लेकिन क्षेत्र में अभी भी डॉक्टरों की भारी कमी चल रही है। किसान सभा के जिला अध्यक्ष रमेश वर्मा, क्षेत्रवासी दलीप सिंह, भीम सिंह, राजेश भारत भूषण, राजेंद्र सिंह, शकुंतला चौहान आदि का कहना है कि नौहराधार पीएचसी में हरिपुरधार, चाढना, भराड़ी, गवाही व टोंडा आदि क्षेत्रों की 20 पंचायतों के लोग इलाज करवाने आते हैं। लेकिन बिना डॉक्टर के स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलने से उन्हें मजबूरन राजगढ़, सोलन एवं शिमला इलाज के लिए जाना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पीएचसी को अपग्रेड कर सीएचसी का दर्जा दिया यह ठीक है। लेकिन बिना चिकित्सकों के दर्जा बढ़ाने से कोई लाभ नहीं होगा। लोगों ने क्षेत्र के विधायक एवं सीपीएस विनय कुमार से मांग की है कि नौहराधार सहित क्षेत्र की अन्य पीएचसी में डॉक्टरों के रिक्त पदों को शीघ्र भरें। उधर, बीएमओ संगड़ाह डॉ. एनके भारद्वाज ने बताया कि स्वास्थ्य खंड संगड़ाह के अंतर्गत 10 में से 6 पीएचसी में डॉक्टर नहीं है। विभाग के उच्च अधिकारियों को इस बारे में रिपोर्ट बनाकर भेज दी गई है।
नौहराधार पीएचसी को सीएचसी का दर्जा देकर कांग्रेस सरकार ने क्षेत्र के लोगों की मुख्य मांग को पूरा किया है। क्षेत्र में लोगों की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सरकार गंभीर है। शीघ्र ही नौहराधार में डॉक्टर को तैनात किया जाएगा।
-विनय कुमार, रेणुका के विधायक एवं सीपीएस