दो साल से डॉक्टर नहीं, केंद्र में मिल रही छोटी मोटी दवाई
उपचार के लिए ग्रामीणों को जाना पड़ रहा काफी दूर राजगढ़ अस्पताल
वेद प्रकाश ठाकुर
राजगढ़ (सिरमौर)। विकास खंड राजगढ़ के दूरदराज रासुमांदर क्षेत्र में ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोटी पधोग में दो वर्षों से चिकित्सक तैनात नहीं है। यह पीएचसी फार्मासिस्ट के सहारे ही चल रही है। वर्षों पूर्व खुली इस पीएचसी में पहले एंबुलेंस और चालक भी था। इन्हें भी बाद में यहां से हटा दिया गया। अब यहां 108 एम्बुलेंस सुविधा दी गई है। यहां एक लैब तकनीशियन का पद भी है, लेकिन यह पद भी वर्षों से रिक्त पड़ा होने से रोगियों को खून की जांच के लिए राजगढ़ या सोलन ही जाना पड़ता है।
विधानसभा चुनाव से पूर्व भाजपा सरकार ने इसे आदर्श पीएचसी बनाने की घोषणा की थी। लेकिन सरकार परिवर्तन के बाद वह मामला फाइलों में दबकर रह गया। कोटी पधोग पंचायत की प्रधान कौशल्या मेहता, उप प्रधान दुर्गादास व स्थानीय निवासी ज्ञानसिंह नेगी, वीरसिंह ठाकुर, रमेश मेहता व जगवीर सिंह नेगी ने बताया कि यह पीएचसी राजगढ़ विकास खंड की चार पंचायतों सहित शिमला जिला की पुलबाहल आदि क्षेत्रों को भी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करती है लेकिन यहां पिछले दो-ढाई वर्षों से कोई डॉक्टर तैनात नहीं है। ऐसे में लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।
यहां तैनात फार्मासिस्ट रोगियों को कुछ दवाइयां तो दे देते हैं। लेकिन बड़ी बीमारियों में रोगियों को चिकित्सक के अभाव में बेहतर सुविधा व परामर्श नहीं मिल पा रहा है। यहां पर लैब तकनीशियन का पद भी स्वीकृत है लेकिन लंबे समय से यह पद भी खाली पड़ा है। ऐसे में यहां कोई भी टेस्ट नहीं हो पा रहे हैं।
ग्रामीणों ने सरकार व विभाग से यहां जल्द डॉक्टर और प्रयोगशाला तकनीशियन की तैनाती करने की मांग की है। ग्रामीणों ने यह गुहार भी लगाई है कि इसे आदर्श पीएचसी बनाया जाए ताकि यहां दो डॉक्टर सहित अन्य पद सृजित हो सकें और लोगों को उचित स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
इस बारे में खंड स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी डाॅक्टर उपासना शर्मा ने चिकित्सक व लैब तकनीशियन के पद रिक्त होने की पुष्टि करते हुए बताया कि रिक्त पदों की सूचना उच्च अधिकारियों को समय-समय पर दी जाती है। उन्होंने बताया कि इसे आदर्श पीएचसी बनाने की घोषणा हुई थी, लेकिन उस पर आगामी कोई कार्यवाही नहीं हुई है।