डा. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन में इसी सत्र से कक्षाएं शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। एमसीआई की रिपोर्ट के बाद केंद्र सरकार ने मेडिकल कॉलेज की कक्षाएं शुरू करने को एनओपी जारी कर दी है। इसे सैद्धांतिक मंजूरी भी माना जा सकता है। नाहन के विधायक एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डा. राजीव बिंदल ने पत्रकारों से बातचीत में यह खुलासा किया।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने इस बारे में उन्हें जानकारी दी है। हालांकि, अभी तक अधिकारिक रूप से इसका पत्र नहीं मिला है। सूत्र बताते हैं कि केंद्र सरकार ने देश के चार कॉलेजों को एनओपी जारी की है। इसमें नाहन, हैदराबाद, गोंदिया व अंबिकापुर शामिल है। कॉलेज प्रिंसिपल डा. जय श्री शर्मा ने कहा कि अभी तक उनके पास इसकी लिखित जानकारी नहीं आई है।
उल्लेखनीय है कि 13 मई को एमसीआई की टीम ने मेडिकल कॉलेज नाहन का दौरा किया था। इस दौरान टीम ने कॉलेज में मेडिकल, पैरा मेडिकल स्टाफ के अलावा कॉलेज में हो रहे कंस्ट्रक्शन वर्क से लेकर अन्य सभी तरह की तैयारियों का औचक निरीक्षण किया। दो दिन के दौरे के बाद टीम वापस लौटी।
उसके बाद 7 जून को स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ने भी कॉलेज परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने अगस्त में पहला बैच बैठाने की बात कही। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद अब इसी सत्र में एमबीबीएस का 100 छात्रों का पहला बैच बैठने की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं।
डा. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन प्रदेश का तीसरा कॉलेज होगा। आईजीएमसी शिमला व डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा के बाद तीसरे मेडिकल कॉलेज के रुप में डा. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन का नाम शामिल होगा। अभी तक कॉलेज में 42 फेकल्टी की सूची में सीनियर रेजीडेंट, जूनियर रेजीडेंट, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर के अलावा स्टाफ नर्सें, मिनिस्ट्रियल स्टाफ व पैरामेडिकल स्टाफ ने ज्वाइनिंग दी है।
नाहन के विधायक डा. राजीव बिंदल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जिला सिरमौर के लिए यह अच्छी खबर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के प्रयासों के बाद मेडिकल कॉलेज नाहन को क्लीयरेंस मिल पाई है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सैद्घांतिक मंजूरी के बाद इस साल पहला बैच बैठने का भी रास्ता साफ हो गया है।