पांवटा साहिब में पार्किंग योजना की फाइल निदेशक शहरी विकास को मंजूरी के लिए भेजी
विश्वकर्मा चौक के पास एक करोड़ लागत से तैयार पार्किंग भी शुरू नहीं
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। हर वर्ष शहरी क्षेत्र में हजारों वाहनों की रेलमपेल बढ़ती जा रही है। ऐसे में शहर के चौक-चौराहे छोटे पड़ने लगे हैं। शहर की कुछ संपर्क सड़कों पर कई बार अभी से जाम की समस्या पैदा हो जाती है। यह समस्या भविष्य में विकराल रूप ले सकती है। इसलिए नगर परिषद ने चार वर्ष पहले मेला मैदान में भूमिगत पार्किंग योजना तैयार कर निदेशक शहरी विकास शिमला को मंजूरी के लिए भेजी है। लेकिन इस योजना को अब तक बजट का प्रावधान नहीं हो सका है।
हिमोत्कर्ष संस्था सिरमौर के अध्यक्ष आरपी तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता नंद लाल परवाल, वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा, व्यापार मंडल के प्रधान अनिंदर सिंह नोटी, जगमोहन सूर्या व कंवर ठाकुर ने बताया कि शहरी क्षेत्र में वाहनों की भीड़भाड़ से अभी भी स्कूली बसों के सुबह-शाम चलने पर चौराहों व संपर्क सड़कों पर कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। पांवटा साहिब प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र है। भविष्य में और भी विकराल होने वाली पार्किंग समस्या के निदान के लिए नगर परिषद को गंभीर होना होगा। क्योंकि एनएच-07 के फोरलेन चौड़ीकरण के चलते अब सड़कों पर करीब आधा दर्जन स्थलों पर वाहन पार्क नहीं हो पाते हैं। नगर परिषद ने तीन भूमिगत पार्किंग के लिए करीब ढाई करोड़ की डीपीआर स्वीकृति को निदेशक शहरी विभाग शिमला कार्यालय को भेजी है।
इस समय शहरी क्षेत्र में मेला मैदान में बनी टाइलनुमा पार्किंग, गुरुद्वारा से सामने पार्किंग में श्रद्धालुओं के वाहन, मिनी सचिवालय व रामलीला मैदान को मिला कर छह से सात सौ के करीब ही छोटे-बड़े वाहनों की पार्किंग सुविधा है। नगर परिषद के एक करोड़ लागत से विश्वकर्मा मंदिर के समीप नए बनी पार्किंग योजना शुरू नहीं हो पा रही है।
नगर परिषद अध्यक्ष निर्मल कौर ने कहा कि भूमिगत पार्किंग योजना मंजूरी को निदेशक शहरी विकास कार्यालय शिमला भेजा गया है। इसके लिए बजट प्रावधान होने पर भविष्य में पार्किंग की समस्या दूर हो सकेगी।