ऑरेंज अलर्ट होने के बाद भी नौनिहालों को पहुंचना पड़ा विद्यालय
एडवाइजरी के बाद भी बच्चों को छुट्टी न देना चिंता का है विषय
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला अध्यक्ष ने कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/नौहराधार(सिरमौर)। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने मौसम विभाग और प्रशासन की ओर से बारिश का रेड ऑरेंज अलर्ट जारी करने के बाद भी स्कूलों में अवकाश न देने पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि मंगलवार को ऑरेंज अलर्ट के बावजूद जब नदी-नाले उफान पर थे, विद्यार्थियों को जान पर खेलकर स्कूल पहुंचना पड़ा।
प्रेस को जारी बयान में महासंघ के जिला अध्यक्ष कपिल मोहन ठाकुर ने कहा कि बारिश के कारण कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर में कई लोगों और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। आपदा प्रबंधन ने लोगों को नदी-नालों के समीप न आने की एडवाइजरी भी जारी की थी। बावजूद इसके चिंता की बात यह है कि विद्यार्थियों को उफनती नदी और नालों को पार करके स्कूल पहुंचना पड़ा।
उन्होंने कहाकि सिरमौर के ग्रामीण क्षेत्रों में तो विद्यार्थियों को मीलों पैदल चलकर नदी-नाले पार करके स्कूल पहुंचना पड़ता है। उन्होंने कहाकि सोमवार के अवकाश की अधिसूचना भी बहुत देरी से जारी की गई, जबकि मंगलवार को भी ऑरेंज अलर्ट था लेकिन अवकाश नहीं दिया गया जो बहुत चिंता का विषय है।
उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि छात्र और शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर गौर किया जाए। भारी बारिश में विद्यालयों को बंद रखा जाए ताकि कोई अनहोनी न हो। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण की जाने वाले छुट्टी के आदेश भी समय पर दिए जाएं ताकि बच्चे बारिश में घर से बाहर न निकलें।
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