फल-सब्जी व अन्य रेहड़ी संचालकों ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन, पुरानी फीस बहाल करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा साहिब में रेहड़ी-फड़ी संचालकों की वार्षिक फीस 800 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये किए जाने के विरोध में दी सिरमौर फल, सब्जी, चाय, टिक्की, गन्ना रस रेहड़ी-मालिक यूनियन, पांवटा साहिब के प्रतिनिधिमंडल ने जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने फीस में की गई भारी वृद्धि पर पुनर्विचार करने और बढ़ी हुई फीस वापस लेकर पुरानी वार्षिक फीस बहाल करने की मांग की है।
यूनियन के प्रतिनिधिमंडल में प्रदीप राणा, सचिव पंकज, कपिल मेहता और मदन पाल शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने जिला उपायुक्त के समक्ष अपनी समस्याएं रखते हुए कहा कि रेहड़ी-फड़ी लगाकर फल, सब्जियां, चाय, टिक्की और गन्ने का रस बेचने वाले लोग सीमित कमाई से अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। ऐसे में वार्षिक फीस 800 रुपये से सीधे बढ़ाकर 18,000 रुपये किए जाने से उन्हें गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
यूनियन के सदस्यों ने कहा कि महंगाई के इस दौर में पहले ही परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में फीस में की गई भारी बढ़ोतरी से मेहनतकश रेहड़ी संचालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और उनकी आजीविका भी प्रभावित हो सकती है।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि वार्षिक फीस में की गई वृद्धि को वापस लेकर पहले की तरह 800 रुपये सालाना फीस बहाल की जाए। यदि ऐसा संभव नहीं है, तो रेहड़ी-फड़ी संचालकों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उचित और वहनीय फीस निर्धारित की जाए।
यूनियन ने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि समस्या के समाधान के लिए रेहड़ी-फड़ी यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की जाए, ताकि आपसी बातचीत के माध्यम से उचित निर्णय लिया जा सके। प्रतिनिधिमंडल ने मेहनतकश रेहड़ी संचालकों की आजीविका की रक्षा के लिए मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग भी की।