डॉक्टर और मरीज के बीच मारपीट प्रकरण के बाद सामूहिक अवकाश
दूरदराज से पहुंचे मरीज लौटे बिना इलाज
ओपीडी बंद, निजी अस्पतालों की ओर रुख करने को मजबूर मरीज
सुबह से ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी
गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी
तीमारदारों ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल शिमला में डॉक्टर और मरीज के बीच मारपीट के मामले के बाद शुक्रवार को प्रदेश भर में डॉक्टरों ने सामूहिक अवकाश ले लिया है। इसका सीधा असर पांवटा साहिब सिविल अस्पताल में देखने को मिल रहा है, जहां दूरदराज क्षेत्रों से पहुंचे सैकड़ों मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कई मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों और क्लीनिकों का रुख करना पड़ा, जबकि कई मरीज बिना उपचार के ही हताश होकर वापस लौट रहे हैं। सुबह करीब 11.25 बजे सिविल अस्पताल परिसर में मौजूद गिरिपार की निर्जला कपूर ने बताया कि उनके बेटे आर्णिका कपूर की तबीयत नासाज है। सुबह अस्पताल पहुंचने पर सुरक्षा गार्ड ने जानकारी दी कि पल्मोनरी विभाग के सीनियर रेजिडेंट डॉ. राघव निरूला की बर्खास्तगी के विरोध में प्रदेश भर में डॉक्टरों ने सामूहिक हड़ताल कर रखी है।
किलौड़ से बच्चे को लेकर पहुंची अलीशा ने बताया कि ओपीडी में कोई स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध नहीं हो सकी और हड़ताल के चलते उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है। वहीं, गिरिपार के दूरदराज गांव कुंजा मतलारियों की निवासी कला शर्मा ने बताया कि बच्चे के उपचार के लिए अस्पताल पहुंचीं, लेकिन काफी देर तक बेंच पर इंतजार के बाद पता चला कि आज पूरे दिन ओपीडी प्रभावित रहेगी, क्योंकि सभी डॉक्टर अवकाश पर हैं।
कुंजा से पहुंचे रुबल ने बताया कि उन्हें एलर्जी की शिकायत है, लेकिन ओपीडी बंद रहने के कारण काफी परेशानी हो रही है। उत्तराखंड के कुल्हाल और पुरुवाला क्षेत्र से आईं सुमित्रा, नसीमा और रिया ने बताया कि तबीयत खराब होने पर वे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचीं थीं, लेकिन ओपीडी बंद मिलने से निराश होकर लौट रही हैं। हालांकि कुछ मरीजों ने निजी अस्पतालों में उपचार करवाया है।
तीमारदार अजय चौहान, प्रतिक और राजेश कुमार का कहना है कि बिना समुचित प्रक्रिया और दोनों पक्षों की सुनवाई के लिया गया कोई भी कठोर प्रशासनिक निर्णय शिक्षण और चिकित्सा संस्थानों के माहौल पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने शीघ्र निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि डॉक्टरों का सामूहिक अवकाश और हड़ताल जारी रही तो प्रदेश भर में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं।
सिविल अस्पताल पांवटा साहिब के प्रभारी डॉ. सुधी गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में आपातकालीन सेवाएं जारी हैं। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से बीमार मरीजों की जांच और उपचार आपातकालीन कक्ष में किया जा रहा है।