नाहन (सिरमौर)।धारटीधार इलाके की ग्राम पंचायत बाड़थल मधाना के बाड़थल गांव में पिछले दो सप्ताह से भारी पेयजल किल्लत बनी हुई है। ऐसे में ग्रामीणों को अपनी व मवेशियों की प्यास बुझाना काफी मुश्किल हो गया है। आलम यह बना हुआ है कि ग्रामीण गांव से करीब एक किलोमीटर की दूरी से पानी ढोकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। सुबह व शाम महिलाओं व पुरुषों का पानी ढोने का सिलसिला जारी है। वहीं ग्रामीणों में पेयजल किल्लत को लेकर विभाग के प्रति गुस्सा फूट रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल किल्लत को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारी से शिकायत कर चुके हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। स्थानीय ग्रामीण कमलेंद्र सिंह, विक्रम सिंह, सतेंद्र, सीमा देवी, सुरसती देवी, सुनीता देवी, कला देवी, मीना देवी, सुमित्रा, रघुवीर व रणजीत ने बताया कि उठाई पेयजल योजना से उन्हें पिछले 15 दिन से पानी नसीब नहीं हो रहा है।
कमलेंद्र सिंह ने बताया कि कई बार सेक्शन अधिकारी को फोन किया गया लेकिन अधिकारी फोन रिसीव करने की जहमत भी नहीं उठाते। वहीं पेयजल योजना की एक पाइप लाइन में पानी की आपूर्ति न होने की शिकायत विभाग के कर्मचारियों से भी की गई है लेकिन वह भी कोई न कोई बहाना बनाकर ग्रामीणों को गुमराह कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बाड़थल गांव के 10 घरों में पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ऐसे में ग्रामीणों को गांव के दूरदराज स्थित एक सोर्स से पानी ढोना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीणों का सारा समय पानी ढोने में ही बीत रहा है। उन्होंने विभाग से मांग की जल्द ही गांव के लिए पेयजल आपूर्ति को नियमित बनाया जाए उन्होंने बताया कि विभाग यदि जल्द ही कार्रवाई को अंजाम नहीं देगा तो ग्रामीण विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
उधर, समस्या के समाधान को लेकर जब विभाग के कनिष्ठ अभियंता के मोबाइल पर संपर्क साधने के प्रयास किए तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया।