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Sirmour News: सरकार बताओ, बिना अध्यापकों के विद्यार्थी कैसे बनाएंगे अपना भविष्य

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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बसाहां। संवाद
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सचित्र
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सरकार बताओ, बिना अध्यापकों के विद्यार्थी कैसे बनाएंगे अपना भविष्य
बसाहां स्कूल में प्रधानाचार्य समेत सभी महत्वपूर्ण शिक्षकों के पद खाली
केमिस्ट्री, फिजिक्स, गणित, हिंदी, एलटी समेत नहीं भेजे जा रहे दूसरे अध्यापक
देवराज शर्मा
सराहां (सिरमौर)। विद्यार्थियों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने के प्रदेश सरकार के सरकारी दावे धरातल पर हवा-हवाई होकर रह गए हैं। स्कूलों में विद्यार्थियों का भविष्य संवारने के लिए सबसे अहम जरूरत अध्यापक ही कई स्कूलों में नहीं हैं। ऐसे में अभिभावक चींख-चींख कर सरकार से पूछ रहे हैं कि बताओ सरकार, बिना अध्यापकों के विद्यार्थी कैसे बनाएंगे अपना भविष्य।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बसाहां भी ऐसे ही बुरे दौर से गुजर रही है। यहां पर कई सालों से अध्यापकों के पद बड़ी संख्या में रिक्त चल रहे हैं।
वर्तमान में इस पाठशाला में प्रधानाचार्य समेत शिक्षकों और गैर शिक्षकों के 11 पद खाली पड़े हुए हैं। स्कूली में प्रधानाचार्य, प्रवक्ता केमेस्ट्री, फिजिक्स, गणित, राजनीति शास्त्र, हिंदी प्रवक्ता, पीटीआई, टीजीटी मेडिकल, लिपिक, वरिष्ठ अधिक्षक, एलटी व एलए अध्यापक का पद खाली पड़ा हुआ है।
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आलम यह रहा कि जब शिक्षा सत्र शुरू हुआ था तब बच्चों ने बड़ी संख्या में घर के पास खुले इस स्कूल में दाखिला नहीं लेकर दूसरे स्कूल में जाकर दाखिला लिया। अब जबकि यह शिक्षा सत्र समाप्त होने को है, बच्चों को परीक्षा के समय अपना भविष्य अंधकार में जाता दिख रहा है।
सनद रहे कि हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार ने भी इसी स्कूल से अपनी प्रारंभिक शिक्षा शुरू की थी। दुर्भाग्य से आज यह स्कूल स्टाफ के लिए तरस रहा है।
एसएमसी प्रधान हरिंद्र ठाकुर, जयप्रकाश, सिरमौर सिंह, तपेंद्र ठाकुर, ओम सिंह, देवेंद्र ठाकुर, क्षेत्रवासी रमेश दत्त शर्मा, दिनेश शर्मा, दीपक, राजेंद्र दत्त, शमशेर सिंह ने बताया कि बसाहां स्कूल में आसपास के क्षेत्र के काफी बच्चे शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। उन्होंने कहा कि इस स्कूल में लाना बांका पंचायत, डिंगर किन्नर व नेहर स्वार पंचायत के गांव के बच्चे शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। यहां कई बच्चों ने विज्ञान संकाय में प्रवेश लिया था लेकिन स्टॉफ नहीं होने के कारण दूसरे स्कूलों में चले गए।
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स्कूल के कार्यवाहक प्रधानाचार्य सुरेश शर्मा ने बताया कि स्कूल में नॉन मेडिकल व अन्य प्रवक्ताओं के 11 पद खाली होने के कारण बच्चे यहां प्रवेश नहीं ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि समय-समय पर खाली पड़े प्रवक्ता व अध्यापकों की सूची उच्च शिक्षा अधिकारी व सरकार को भेजी जाती है।
-संवाद
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