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Sirmour News: ढलान पर एक फीट का संकरा रास्ता और उससे गुजरते लोग

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क्यारी गांव में जान जौ​खिक में डालकर कठिन रास्तों से सफर करते लोग। संवाद
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सचित्र
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छछेती पंचायत के चार गांवों के ग्रामीणों का अब तक नहीं लौटा पटरी पर जीवन
राजपाल शर्मा
सतौन (सिरमौर)। रेणुका विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली छछेती पंचायत के चार गांवों के ग्रामीण रोजाना मौत का सफर कर रहे हैं। गांव के बुजुर्ग हों, महिलाएं हों, युवा हों, चाहे बच्चे ही क्यूं न हों, वह रोजाना ऐसे रास्ते से गुजरने को विवश हैं जो कभी भी उनकी जान ले सकता है।
दरअसल, छछेती पंचायत के क्यारी, डाडुवा, काईला, खाली अछौन गांवों को जाने वाला बाहरी रास्ता खस्ताहाल पड़ा है। बरसात में भूस्खलन से कई जगह से मार्ग ढह भी गया है। मुख्य रास्ता आने-जाने लायक बचा ही नहीं है।
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इसके चलते ग्रामीणों ने खुद श्रमदान करके नदी के ऊपर एक फीट चौड़ा चलने लायक रास्ता तैयार किया है। इसी रास्ते से रोजाना स्कूल के बच्चे और ग्रामीण आना-जाना कर रहे हैं। यह रास्ता इतना खतरनाक है कि जरा सी चूक जान ले सकती है।
यह रास्ता नदी की ढांक की ढलान पर तैयार किया गया है। नीचे नदी का जानलेवा तेज बहाव, ऊपर ढलान पर संकरा एक फीट चौड़ा रास्ता। इसी रास्ते से बच्चों समेत ग्रामीणों का आना जाना हो रहा है।
स्थानीय ग्रामीण राकेश, सुरेश अत्रि, विनोद, मनोज, कमलेश ने बताया कि सरकार ने अभी तक ग्रामीणों की कोई सुनवाई नहीं की है। हर बरसात में उनके गांवों का बाहरी रास्ता खत्म हो जाता है। उन्होंने श्रमदान से खुद अपने लिए रास्ता तैयार किया है। बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए भी ग्रामीणों को खुद जाना पड़ रहा है। कई लोग इस खतरनाक रास्ते पर सफर तक नहीं कर पा रहे हैं। वह लोग गांव में ही कैद हैं। उन्होंने कहा कि जब भी यह संकरा रास्ता खराब होता है, ग्रामीण खुद ही श्रमदान से इसे फिर से ठीक करते हैं।
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पंचायत प्रधान रमेश ने बताया कि गांव के लोग आज तक पंचायत में अपनी समस्या को लेकर नहीं आए हैं। पंचायत में पांच साल बीतने को हैं लेकिन आज तक क्यारी गांव के ग्रामीण ग्राम सभा में नहीं आए। यहां के लोग तीन और चार नंबर वार्ड में आते हैं, लेकिन यहां के वार्ड सदस्य ने आज तक गांव की समस्या को पंचायत में नहीं उठाया। बावजूद इसके पंचायत की ओर से रास्ता दुरुस्त करने के लिए लोग भेजे गए थे।
-संवाद

क्यारी गांव में जान जौखिक में डालकर कठिन रास्तों से सफर करते लोग। संवाद

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