नाहन/शिलाई(सिरमौर)। लंबे अर्से से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला शिलाई की व्यवस्थाएं डगमगाई हुई हैं। इस स्कूल में गैर शिक्षकों के कई पद लंबे समय से खाली पड़े हुए हैं। यहां शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्य भी करना पड़ रहा है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। शिक्षक विद्यार्थियों की पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें या गैर शैक्षणिक कार्य निपटाएं। यह बड़ा सवाल सामने आ खड़ा हुआ है।
यहां अधीक्षक का पद 2014 और वरिष्ठ सहायक का पद मार्च 2018 से रिक्त चल रहा है। इसके अलावा चपरासी, पुस्तकालय सहायक, पुस्तकालय सेवादार, कंपनी कर्मी सहित फिजिक्स के शिक्षक का पद भी रिक्त चल रहा है। ऐसे में गैर शैक्षणिक कार्य का बोझ एकमात्र लिपिक पर है। ऐसे में इन कार्यों को निपटाने के लिए स्कूल प्रशासन की ओर से समय-समय शिक्षकों की ड्यूटी भी गैर शैक्षणिक कार्य पूरा करने में लगाई जा रही है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
यह स्कूल ब्लॉक स्तरीय है। इसके अधीन आने वाले सभी स्कूलों का पत्राचार इसी स्कूल से होता है। यही नहीं स्थानीय प्रशासन के हर प्रकार के चुनाव संबंधी कार्य, ब्लॉक स्तरीय खेलकूद, ब्लॉक के सभी स्कूलों के बिल, सभी स्कूलों का वर्दी का पैसा आवंटन संबंधी कार्य इसी स्कूल से हो रहा है। प्रशासनिक और दूसरे सांस्कृतिक कार्यक्रमों को पूरा करने का जिम्मा भी इसी स्कूल पर है।
ब्लॉक स्तरीय स्कूल होने के कारण बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिका भी यहीं जमा होती है और यही से आगे वितरित होती है। स्टेट ओपन स्कूल के सभी प्रकार के कार्य, रिअपीयर, कंपार्टमेंट और एसओएस की परीक्षाएं भी यहीं हो रही हैं। इन कार्यों को निपटाने के लिए स्कूल में गैर शैक्षणिक स्टाफ ही नहीं है।
स्कूल के प्रधानाचार्य रमेश चंद ने कहा कि गैर शिक्षकों के पद रिक्त होने से कामकाज निपटाने में बहुत मुश्किल हो रही है। ब्लॉक स्तर का स्कूल होने से परेशानी ज्यादा है। उन्होंने बताया कि रिक्त पदों की सूचना समय-समय पर उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।