सप्ताह में दो दिन मिलती स्वास्थ्य सेवा, बाकी दिन चतुर्थ श्रेणी कर्मी के सहारे औषधालय
बीमार पशुओं को इलाज के लिए 20 किलोमीटर दूर सतौन ले जाने को मजबूर हैं ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। गिरिपार क्षेत्र की कोड़गा पंचायत स्थित पशु औषधालय में करीब छह वर्षों से फार्मासिस्ट का पद खाली होने के कारण क्षेत्र के पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्ष 2020 में यहां तैनात फार्मासिस्ट के तबादले के बाद आज तक नियमित नियुक्ति नहीं हो पाई है। पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण अधिकतर समय औषधालय बंद रहता है।
कोड़गा पंचायत प्रधान कमलेश देवी, पूर्व प्रधान लीला देवी, रणवीर कपूर, रोशन कुमार, महेंद्र सिंह और सुरेश कपूर सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि विभाग की ओर से सप्ताह में केवल दो दिन के लिए एक फार्मासिस्ट को प्रतिनियुक्ति पर कोड़गा भेजा जाता है। शेष दिनों में पशु औषधालय एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के सहारे चलता है। ऐसे में क्षेत्र में किसी पशु के बीमार होने या आपात स्थिति उत्पन्न होने पर पशुपालकों को उपचार के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
ग्रामीणों के अनुसार कोड़गा क्षेत्र में बड़ी संख्या में परिवार पशुपालन पर निर्भर हैं। पशुओं के बीमार होने पर समय पर उपचार नहीं मिल पाने के कारण उन्हें करीब 20 किलोमीटर दूर सतौन का रुख करना पड़ता है। कई ग्रामीणों को अपने बीमार पशुओं को लेकर पैदल ही सतौन पहुंचना पड़ता है। इससे बुजुर्ग और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले पशुपालकों की परेशानी और बढ़ जाती है।ग्रामीणों ने बताया कि पशु औषधालय में फार्मासिस्ट की नियमित नियुक्ति को लेकर ग्राम पंचायत की बैठकों में कई बार प्रस्ताव पारित कर संबंधित विभाग को भेजे जा चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो उन्हें मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। पशु चिकित्सालय सतौन की डॉ. किरण ठाकुर ने बताया कि कोड़गा पशु औषधालय में फार्मासिस्ट की नियुक्ति को लेकर उच्च अधिकारियों को कई बार लिखित रूप से अवगत करवाया जा चुका है। अब इस संबंध में आगामी कार्यवाही विभागीय उच्च स्तर से ही होनी है।