ददाहू (सिरमौर)। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के सरकारी दावे खोखले साबित हो रहे हैं। सिविल अस्पताल ददाहू में पिछले करीब एक माह से अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं। इस वजह से रोगियों विशेषकर गर्भवती महिलाओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। प्रत्येक महिला को 5 सौ से 7 सौ रुपये तक खर्च करके अपना अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए जिला मुख्यालय नाहन जाना पड़ रहा है।
सविल अस्पताल ददाहू में शनिवार को सप्ताह में मात्र एक दिन अल्ट्रासाउंड करने की सुविधा प्रदान थी लेकिन पिछले एक माह से शनिवार को भी अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं। इस कारण महिलाएं घंटों चिकित्सक की प्रतिक्षा में खाली पेट बैठी रहती हैं लेकिन उन्हें दोपहर बाद निराश होकर घर लौटना पड़ता है।
शनिवार को ददाहू अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं हुए जिस कारण महिलाओं को घंटों इंतजार करना पड़ा। कोटिधीमान निवासी आशा तोमर, जरग निवासी सुखमा देवी, भरोग भनेड़ी निवासी कांता व पनार की विमला ने बताया कि वह शनिवार को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए विशेषतौर पर ददाहू अस्पताल आई थी लेकिन अल्ट्रासाउंड न होने की सूचना देकर वापिस भेज दिया। उन्हें अपना अतिरिक्त किराया खर्च करके नाहन जाना पड़ा। महिलाओं ने बताया कि वह पिछले तीन सप्ताह से ददाहू अस्पताल के चक्कर काट रही हैं लेकिन उन्हें अल्ट्रासाउंड का कोई लाभ नहीं मिला।
उधर जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि पूरे जिले में मात्र एक ही रेडियोलॉजिस्ट है। उनसे पांवटा अस्पताल में सेवाएं ली जा रही हैं। पूरे जिले में रेडियोलॉजिस्ट की कमी के चलते अल्ट्रासाउंड की दिक्कतें पैदा हो रही हैं। अगले शनिवार को निश्चित तौर पर ददाहू में अल्ट्रासाउंड की सुविधा प्रदान की जाएगी।