संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस सेवा की समय सारिणी स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर भारी पड़ रही है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (रामा) के छात्रों को रोजाना स्कूल की छुट्टी के बाद बस छूटने के कारण 7 से 10 किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ रहा है। विडंबना यह है कि जब स्कूल में पढ़ाई चल रही होती है, ठीक उसी समय घर जाने वाली बस स्टैंड से निकल चुकी होती है।
विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक में यह मुद्दा गर्माया रहा। समिति के अनुसार, रामा से धगेड़ा की ओर जाने वाली बस का समय दोपहर 2:45 बजे है, जबकि स्कूल की छुट्टी दोपहर 3:00 बजे होती है। बस के मात्र 15 मिनट पहले निकल जाने के कारण बच्चों के पास पैदल चलने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।
अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन ने चिंता जताई है कि बच्चों को घर जाने के लिए 10 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है। सबसे डरावना पहलू यह है कि इस रास्ते का एक बड़ा हिस्सा घने जंगल से होकर गुजरता है। जंगली जानवरों के डर के साये में बच्चों को पैदल घर लौटते देख ग्रामीण और परिजन डरे हुए हैं।
एसएमसी ने बैठक के बाद एक हस्ताक्षरित पत्र क्षेत्रीय प्रबंधक नाहन को दिया और बस का समय तीन बजे करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रीतम सिंह, जगमोहन सिंह, राजेश कुमार, आशा देवी, चिंता देवी, रीना देवी, लगनू व रीता देवी, चिंता देवी, रीना देवी ने मांग की कि छात्र हित में बस के समय में बदलाव किया जाए।
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