त्रिलोकपुर स्थित महामाया माता बालासुंदरी मंदिर।
- फोटो : NAHAN
नाहन / कालाअंब (सिरमौर)। सिरमौर के प्रसिद्ध शक्तिपीठ नवरात्र पर्व के लिए सज गए हैं। नवरात्र को लेकर मंदिरों में सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ महामाया बालासुंदरी मंदिर त्रिलोकपुर में हर तरह से व्यवस्था को चाक चौबंद बनाया गया है। यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
हरियाणा की सीमा से सटे महामाया बालासुंदरी मंदिर त्रिलोकपुर में हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश से लाखों श्रद्धालु शीश नवाने पहुंचते हैं। त्रिलोकपुर शक्तिपीठ में 29 सिंतबर से 12 अक्तूबर तक चलने वाले नवरात्र मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेला स्थल को चार सेक्टरों में बांटा गया है। चप्पे-चप्पे पर खाकी का पहरा रहेगा। प्रदेश के मुख्य प्रवेश द्वार कालाअंब से लेकर त्रिलोकपुर तक करीब 5 किलोमीटर के दायरे में सभी जवान ड्यूटी पर तैनात कर दिए हैं। पुलिस ने आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने के लिए मेला स्थल को सीसीटीवी कैमरे से लैस किया गया है। मेले के लिए 300 पुलिस और होमगार्ड जवानों की तैनाती की गई है। एसपी सिरमौर अजय कृष्ण शर्मा ने बताया कि मेले में चप्पे चप्पे पर जवानों का पहरा रहेगा। होमगार्ड, पुलिस जवानों के साथ रिजर्व बटालियन की चार टुकड़ियों को भी मेले में तैनात किया गया है। हर सेक्टर में एक पुलिस अधिकारी तैनात रहेगा। 70 के करीब सीसीटीवी कैमरे भी मेला स्थल में स्थापित किए गए हैं। उधर, मंदिर के सहायक प्रबंधक ने बताया कि सुबह 4 बजे विधिवत पूजा अर्चना के बाद मंदिर के कपाट महामाया के दर्शनों के लिए खोल दिए जाएंगे। बैरिकेट्स लगाए गए हैं। ध्यानू भगत मंदिर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शेड बनाए गए हैं। श्रद्धालु कतारों में माता के दर्शन कर सकेंगे। श्रद्धालुओं के लिए भंडारों का भी प्रबंध किया गया है।
सिरमौर के अन्य मंदिरों में भी तैयारियां पूरीं
कालीस्थान मंदिर नाहन, महामाया बालासुंदरी मंदिर जमटा, हरिपुरधार स्थित मां भंगायणी मंदिरों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। कालीस्थान मंदिर में साज सज्जा के बेहतर इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत यहां पर भी पुलिस जवानों की तैनाती कर दी गई है। इसके अलावा महामाया बालासुंदरी मंदिर बनोग, कटासन माता मंदिर कोलर और अन्य मंदिरों में भी नवरात्र को लेकर सारी व्यवस्थाएं चाक चौबंद बनाई गई हैं।