अभियान : कॉलोनियों का हाल-भाग-4
डेढ़ दशक बाद भी डिफेंस कॉलोनी में जलभराव समस्या, संपर्क सड़कें टूटीं
सीवरेज सुविधा नहीं, स्ट्रीट लाइटें नहीं, शाम होते ही गलियों में पसर जाता है अंधेरा
दो साल पहले तैयार किया पेजयल टैंक, अब तक योजना शुरू नहीं
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। नगर परिषद क्षेत्र की सीमा से सटी डिफेंस कॉलोनी में डेढ़ दशक बाद भी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। जल निकासी नालियां नहीं बनने से बरसात में गलियां जलमग्न हो जाती हैं। संपर्क सड़क बदहाल हैं और कई गलियां कच्ची हैं। पेयजल, स्ट्रीट लाइट और पार्किंग जैसी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे कॉलोनीवासी विकास कार्यों के लिए बजट मिलने की राह देख रहे हैं। विकास कार्यों में पिछड़ने का हवाला देते हुए लोग लंबे समय से कॉलोनी को नगर परिषद में शामिल करने की मांग भी उठा रहे हैं।
स्थानीय निवासी राकेश ठाकुर और बहादुर सिंह तोमर के अनुसार, स्थानीय विधायक के मंत्री रहते कॉलोनी में 25 स्ट्रीट लाइटें लगाने और गलियों को पक्का करने का आश्वासन मिला था। स्ट्रीट लाइटों के लिए जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) से 20 लाख रुपये का एस्टीमेट भी भेजा गया। इस संबंध में प्रतिनिधिमंडल चार बार मिल चुका है, लेकिन अब तक बजट नहीं मिला। लोगों के अनुसार, मंदिर वाली गली के लिए विधायक निधि से करीब तीन लाख रुपये ही मिल पाए हैं।
130 से अधिक परिवार, 50 घरों का निर्माण जारी
डिफेंस कॉलोनी सोसायटी के लाल सिंह चौहान ने बताया कि कॉलोनी में 130 से अधिक परिवार रहते हैं, जबकि करीब 50 घर निर्माणाधीन हैं। लगभग 60 बीघा भूमि पर बसी कॉलोनी में सड़क, पेयजल, बिजली और जल निकासी जैसी समस्याएं हैं। तारुवाला से बेहड़ेवाला तक मुख्य मार्ग क्षतिग्रस्त है। आधा दर्जन गलियां कच्ची हैं। विकास कार्यों को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं मिलने से लोग कॉलोनी को नगर परिषद में शामिल करने की मांग कर रहे हैं।
घरों को नहीं मिले पेयजल कनेक्शन
स्थानीय निवासी राकेश ठाकुर ने बताया कि जलशक्ति विभाग की पेयजल योजना के तहत दो साल पहले टैंक का निर्माण किया था। बोर भी किया गया है, ट्रांसफार्मर लगाया गया है और पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। अब योजना से घरों को कनेक्शन दिए जाने बाकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि इससे पेयजल की समस्या दूर होगी।
बरसात में दो फीट तक भरता है पानी
अनिल चौहान ने बताया कि जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से तेज बारिश के दौरान कच्ची गलियों में डेढ़ से दो फीट तक पानी भर जाता है। इससे स्कूली बच्चों को आवाजाही में परेशानी होती है। कॉलोनी में नालियां नहीं होने के कारण बरसात में स्थिति और बिगड़ जाती है।
पार्क और पार्किंग की सुविधा नहीं
संजय कुमार के अनुसार, कॉलोनी में रहने वाले करीब 80 प्रतिशत से अधिक परिवारों का संबंध सेना में सेवारत या सेवानिवृत्त जवानों से है। इसके बावजूद यहां पार्क और पार्किंग की सुविधा नहीं है। पहले पार्क के लिए आठ और 15 बिस्वा के दो भूखंड छोड़े गए थे, लेकिन बाद में इन्हें भी बेच दिया गया।
बिजली के लग रहे कट
बहादुर सिंह तोमर ने बताया कि कॉलोनीवासियों ने आपस में पैसे एकत्रित कर पानी का बोर करवाया। सफाई व्यवस्था की और दो गलियों को पक्का करवाया है। कॉलोनी में दो ट्रांसफार्मर हैं, लेकिन अधिक लोड के कारण बिजली कट लगते हैं। पेयजल के लिए एक बोर पूर्व विधायक चौधरी किरनेश जंग ने करवाया था।
स्ट्रीट लाइट नहीं लगीं, गलियां कच्ची
सिया राम शर्मा ने कहा कि लोगों को विधायक और पंचायत प्रतिनिधियों से विकास कार्यों की उम्मीद रहती है, लेकिन अब तक स्ट्रीट लाइटों और गलियों को पक्का करवाने जैसे कार्य नहीं हो पाए हैं। उन्हें अमरकोट पंचायत की निर्विरोध चुनी प्रधान से काम करने की उम्मीद है।
प्राथमिकता से करेंगे काम
अमरकोट पंचायत की प्रधान सरस्वती देवी ने बताया कि वह कॉलोनीवासियों की समस्याओं से परिचित हैं। स्ट्रीट लाइटें लगाने और गलियों को पक्का करवाने के कार्य प्राथमिकता में रखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि कॉलोनी में जल्द ही दो स्ट्रीट लाइटें लगवाई जाएंगी।