खनन विभाग ने यमुना नदी की लघु खनिज खानों की नीलामी कर दी है। सिरमौर में रेत बजरी समेत खनिज के छोटे-बड़े कुल 28 ब्लॉक की नीलामी रखी थी जिनमें से 26 की नीलामी हो सकी। नीलामी से प्रदेश सरकार को 36 करोड़ राजस्व मिलेगा।
इससे अवैध खनन पर अंकुश लगेगा व प्रदेश सरकार की भी तिजोरी भरेगी। जिले की माईनों से हर वर्ष सरकार को करीब 7 से 10 करोड़ राजस्व मिलता था। अब प्रतिवर्ष खनन से मिलने वाला राजस्व में 4 से 5 गुणा बढ़ जाएगा।
हिमाचल की यमुना नदी, टौंस, बाता व गिरी नदी से हर वर्ष करोड़ों का अवैध खनन हो रहा था। इससे खनन माफिया की खूब पौ बारह हो रही थी। जिससे, प्रदेश सरकार व खनन विभाग को करोड़ों का राजस्व चूना लग रहा था। इसके बाद प्रदेश सरकार ने नदी नालों से अवैध खनन पर नकेल कसने पर रणनीति बनाई। जिसमें यमुना नदी में लघु खनिज खानों की नीलामी का निर्णय लिया।
प्रथम चरण में यमुना नदी के गौजर से अड्डे होकर बहराल तक करीब 28 ब्लॉक बनाए गए है। इसमें से 8 हेक्टेयर से कम भूमि वाले ब्लॉक नीलामी में हिमाचलियों को प्राथमिकता दी गई। नाहन जिला मुख्यालय में शुक्रवार व शनिवार को नीलामी हुई। इसमें शुक्रवार को 14 ब्लॉक करीब 23.36 करोड़ तथा शनिवार को 12 ब्लॉक 9.60 करोड़ में नीलामी हुई।
जिला सिरमौर खनन अधिकारी सुरेश भारद्वाज ने कहा कि यमुना नदी की 28 लघु खनिज खानों (ब्लॉक) की नीलामी रखी गई थी। इनमें से 26 खानों की नीलामी कुल 36 करोड़ में हुई है। जिसमें 21 ब्लॉक हिमाचल के लोगों व 5 ब्लॉक राज्य से बाहरी लोगों को मिले है। गंगूवाला क्षेत्र के दो ब्लॉकों की नीलामी नहीं हो सकी, इनकी नीलामी बाद में रखी जाएगी।
कुल 28 ब्लॉक की 19.76 करोड़ मूल्य निर्धारण (रिजर्व मनी) रखी गई थी। इनमें से 26 ब्लॉक की नीलामी करीब 36 करोड़ में हो गई है।
दो दिनों तक चली नीलामी में गुरुवाला का ब्लॉक सर्वाधिक 7 करोड़ व भगानी ब्लॉक 5 करोड़ में नीलामी छूटी। जबकी, पांवटा-2 ब्लॉक की 20 लाख राशि में नीलामी हुई दो ब्लॉकों गंगूवाला-1 व गंगूवाला-2 की नीलामी नही हो सकी। इन दो ब्लॉकों में करीब 50 हेक्टेयर खनन क्षेत्र है। इसकी रिजर्व मनी 2.15 करोड़ रखी गई थी। अब इन दो ब्लॉक की बोली दो बार रखी गई, लेकिन बोली नहीं हो पाने के बाद में बोली रखी जाएगी।
इस मौके पर एडीसी हरबंस नेगी, महाप्रबंधक उद्योग विभाग ज्ञान सिंह चौहान, विधायक पांवटा विस क्षेत्र चौधरी किरनेश जंग, भू-वैज्ञानिक पुनीत गुलेरिया, एएसपी विनोद धीमान व अधिशासी अभियंता आईपीएच पांवटा नरेश धीमान समेत विभिन्न विभागों को अधिकारी मौजूद रहे।