सराहां (सिरमौर)। जिले सहित प्रदेश भर के 12 जिलों में मनरेगा का पैसा लंबित पड़ गया है। मनरेगा की दिहाड़ी न मिलने से प्रदेश की 3263 पंचायतों में विकास कार्यों का निर्माण पूरी तरह से ठप पड़ गया है।
मनरेगा एक्ट के तहत कार्य निर्माण के 15 दिन के भीतर मनरेगा मजदूरों को दिहाड़ी मिलना तय किया गया है, लेकिन धनराशि न मिलने से हजारों मजदूरों की रोजी रोटी पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
उधर, जिले के पच्छाद पंचायत प्रधान संघ के अध्यक्ष बलदेव भंडारी, बागथन पंचायत के प्रधान महेंद्र सिंह, डिंग्गर-किन्नर पंचायत प्रधान आशा ठाकुर, बनाहां धीनी पंचायत प्रधान अनूप शर्मा के अलावा मनरेगा मजदूर राकेश दत्त, सुरेंद्र कुमार, दलीप सिंह व कामराज आदि ने बताया है कि मजदूरों को पिछले दो महीने से मनरेगा के तहत फूटी कौड़ी तक नहीं मिली है। कई ऐसे मजदूर हैं, जिनकी रोजी रोटी मात्र मनरेगा से ही चल रही है, लेकिन पैसा नहीं मिल रहा है। मजदूरों ने कहा है कि यदि एक सप्ताह के भीतर धनराशि जारी नहीं की गई तो वे मजबूरन सड़कों पर उतर कर आंदोलन छेड़ देंगे।
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जिले में मनरेगा कार्यों के ऑडिट का काम चल रहा है। ऑडिट तकनीकी रूप से किया जा रहा है। इसके चलते कुछ समस्याएं आ रही हैं। रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे निदेशक पंचायती राज को भेजा जाएगा।
-विवेक शर्मा, जिला प्रोजेक्ट अधिकारी
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प्रदेश के अधिकतर जिलों से मनरेगा की ऑडिट रिपोर्ट न पहुंचने से दिक्कत आ रही है। जिलों से अगर रिपोर्ट मिलती है तो इसे शीघ्र ही केंद्र को भेजा जाएगा।
-डा. अजय शर्मा, निदेशक, पंचायती राज