- अमरकोट में दो पशुओं में मिले लक्षण, पशु चिकित्सा विभाग अलर्ट
- पशुपालकों से संदिग्ध पशुओं की तुरंत सूचना देने की अपील
भजन चौधरी
धौलाकुआं (सिरमौर)। पांवटा साहिब क्षेत्र में एक बार फिर पशुओं में लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) के लक्षण मिलने से पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। अमरकोट गांव में दो पशुओं में लंपी वायरस जैसे लक्षण सामने आने के बाद पशु चिकित्सा विभाग भी सतर्क हो गया है। विभाग ने पशुपालकों से अपील की है कि यदि किसी पशु में बीमारी के लक्षण दिखाई दें तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र को दें।
करीब चार वर्ष पहले प्रदेश में लंपी स्किन डिजीज के प्रकोप से बड़ी संख्या में मवेशियों की मौत हुई थी। उस दौरान विभाग की ओर से व्यापक स्तर पर टीकाकरण और अन्य रोकथाम उपाय किए गए थे, लेकिन बीमारी लंबे समय तक विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रही थी।
अमरकोट निवासी अयूब मोहम्मद ने बताया कि उनकी गाय पिछले चार दिनों से चारा कम खा रही है। उसके शरीर पर फोड़े निकल आए हैं और उसे बुखार भी है। उन्होंने बताया कि गांव में एक अन्य पशु में भी इसी तरह के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में हरियाणा से लाकर छोड़े जा रहे बड़ी संख्या में लावारिस पशुओं के कारण भी संक्रमण फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पशु चिकित्सा विभाग के अनुसार लंपी रोग से बचाव के लिए पहले ही टीकाकरण अभियान चलाया जा चुका है। इसके बावजूद इक्का-दुक्का पशुओं में लंपी जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं, जिनकी निगरानी की जा रही है।
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क्या हैं लंपी रोग के लक्षण
लंपी रोग से प्रभावित पशु के शरीर पर गांठें या फोड़े निकल आते हैं। पशु को तेज बुखार रहता है, वह चारा कम खाने लगता है और धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है। समय पर उपचार नहीं मिलने पर पशु की उत्पादन क्षमता प्रभावित हो सकती है।
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विभाग की टीमें स्थिति पर रखे हुए नजर
पशुपालन विभाग पांवटा साहिब के प्रभारी डॉ. अमित महाजन ने बताया कि यदि किसी पशु के शरीर पर फोड़े दिखाई दें, उसे बुखार हो या वह चारा कम खा रहा हो तो पशुपालक बिना देरी किए इसकी सूचना नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र को दें। विभाग की टीमें स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उपचार एवं अन्य आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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