एवरेस्ट चोटी फतेह करके वापसी कर रही सिरमौर की बेटी कृतिका शर्मा
मिशन पर निकले हुआ डेढ़ माह का समय, 3 जून तक टीम के लौटने की संभावना
संवाद न्यूज एजेंसी
रोनहाट (सिरमौर)। सिरमौर के छोटे से गांव गत्ताधार की बेटी कृतिका शर्मा ने यह साबित कर दिखाया है कि सपनों की ऊंचाई गांव की सीमाओं से नहीं, हौसले से तय होती है। पढ़ाई के साथ-साथ एनसीसी में शानदार प्रदर्शन करने वाली कृतिका शर्मा के भीतर पहाड़ों की चढ़ाई चढ़ते-चढ़ते पर्वतारोहण का ऐसा जुनून जागा कि वह देश का तिरंगा दुनिया की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट पर लहराने के बाद वापसी मिशन पर हैं।
बहादुर बेटी के पिता भरत शर्मा व माता विद्या शर्मा ने गर्व के साथ कहा कि हमें बेहद खुशी है कि हमारी बेटी उन 10 होनहारों में शामिल है जिन्होंने माउंट एवरेस्ट जैसी चुनौतीपूर्ण चोटी को फतह किया हैं। अब वापसी में दल माउंट लाबुचे पहुंच गया हैं, जिसकी समुद्र तल से उंचाई 6111 मीटर हैं।
बुधवार को कृतिका ने अपने माता- पिता को फोन करके बताया कि आपकी बेटी ने ऐसा मुकाम हासिल कर लिया है, जिसका वह बेसब्री से इंतजार कर रही थी। ये बात सुनकर माता- पिता के खुशी से आंसू झलक पड़े। माता विद्या शर्मा ने कहा कि कृतिका से कई दिनों तक संपर्क न होने पर मन बहुत घबराता था। भारत - पाक युद्ध ने और बेचैनी बढ़ा दी थी। सभी भारतवासी का आशीर्वाद दल के सदस्यों के साथ था।
बता दें कि जिस उम्र में ज्यादातर लड़कियां अपनी जिंदगी की दिशा तय करने में लगी होती हैं, उस उम्र में कृतिका ने मेहनत, अनुशासन और मजबूत इरादों के दम पर पूरे देश से चुने गए सिर्फ 10 एनसीसी कैडेट्स में अपनी जगह बनाई। खास बात यह है कि हिमाचल, हरियाणा और पंजाब से चयनित होने वाली वह इकलौती कैडेट हैं, जो इस ऐतिहासिक एवरेस्ट अभियान का हिस्सा बनी हैं। कृतिका शर्मा देशभर के 17 लाख एनसीसी कैडेट्स में से केवल 10 कैडेट्स का चयन माउंट एवरेस्ट एक्सपीडिशन के लिए हुआ। कृतिका वर्तमान में श्री गुरु गोविंद सिंह पांवटा साहिब के सरकारी कॉलेज में एनसीसी कैडेट हैं और अब भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए एवरेस्ट की ऊंचाइयों को छूने निकली थी।
करीब डेढ़ माह पूर्व 3 अप्रैल को रक्षा मंत्री द्वारा टीम को झंडा सौंपा गया, और 5 अप्रैल को सभी सदस्य काठमांडू, नेपाल के लिए रवाना हो गए थे। वहां से लुकला तक की उड़ान और फिर एवरेस्ट बेस कैंप तक की ट्रैकिंग शुरू की गई। दल 18 मई को एवरेस्ट कैंप पहुंच गया था। जहां दल ने भारत-माता का झंडा लहराया। टीम की 3 जून को भारत लौटने की उम्मीद है।
एवरेस्ट की चोटी पहुंचा पर्वतारोहियों का दल, जिसमें गाताधार की बेटी भी शामिल हैं। स्रोत: अभिभ