डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त होते ही अस्पतालों में मरीजों की भीड़ उमड़ी
गायनी विशेषज्ञ कक्ष में सबसे अधिक मरीज
दूरदराज गांवों से सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचे
चिकित्सकों ने देर शाम तक सभी मरीजों की जांच सुनिश्चित की
हड़ताल के दो दिन निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ा
संजय कंवर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। प्रदेश भर में चिकित्सकों की हड़ताल समाप्त होने के बाद मरीजों ने राहत की सांस ली। सोमवार को सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में दोपहर बाद तक पर्ची काउंटर पर भारी भीड़ देखने को मिली। ओपीडी कक्षों के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं। सबसे अधिक भीड़ गायनी विशेषज्ञ कक्ष के बाहर नजर आई।
सोमवार को चिकित्सकों के ड्यूटी पर लौटते ही गिरिपार और पांवटा साहिब क्षेत्र के दूरदराज गांवों से सैकड़ों मरीज उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे। शिलाई और आंजभोज क्षेत्र से आए मरीजों रक्षा देवी, राहुल वर्मा, देवेंद्र ठाकुर, पवना, दीक्षा और रमन ने बताया कि शिमला आईजीएमसी में डॉक्टर और मरीज के बीच मारपीट की घटना के बाद दो दिन चिकित्सकों की हड़ताल रही, जबकि तीसरे दिन अवकाश होने से मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
प्रीति धीमान, लक्ष्मी देवी, बिमला पुंडीर और रेवती चौधरी ने बताया कि गायनी विशेषज्ञ कक्ष में मरीजों की संख्या सबसे अधिक थी, जिससे अधिकतर मरीजों का नंबर दोपहर बाद आया। हालांकि अधिक भीड़ के बावजूद चिकित्सक ने दूरदराज से पहुंची सभी गर्भवती महिलाओं की चार बजे के बाद भी जांच की।
डॉ. वीके राघव, डॉ. पीयूष तिवारी, डॉ. राजीव चौहान, डॉ. निगधा, डॉ. मीनाक्षी चौहान, डॉ. तुषार और डॉ. अरुण सहित अन्य चिकित्सकों के कक्षों में भी दिनभर मरीजों की भीड़ बनी रही। हड़ताल के चलते दो दिन ओपीडी प्रभावित रहने से मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ा था। सिविल अस्पताल प्रभारी डॉ. सुधी गुप्ता ने बताया कि सोमवार को स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह सुचारु रूप से जारी रहीं।