रसोई ईंधन जुटाने के लिए कालाबाजारी का शिकार हो रहे हजारों कामगार
कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र में मात्र 15 फीसदी कामगारों के पास हैं गैस कनेक्शन
अधिकांश कामगार ब्लैक में 110 से 120 रुपये प्रति किलो खरीद रहे एलपीजी
संजय गुप्ता
कालाअंब (सिरमौर)। कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत हजारों कामगारों को रसोई के लिए ईंधन जुटाने के लिए भारी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। अभी तक कामगारों की ईंधन की समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है। मजबूरी वश कामगारों को ऊंचे दामों पर एलपीजी खरीदनी पड़ रही है या फिर ईंधन के लिए लकड़ी जुटाने के लिए जंगलों की ओर रुख करना पड़ रहा है।
एलपीजी की बात करें तो औसतन मात्र 15 फीसदी प्रवासी कामगारों के पास ही गैस कनेक्शन हैं, जबकि 85 फीसदी लोग 110 से 120 रुपये प्रतिकिलो की दर से एलपीजी खरीद कर गुजारा कर रहे हैं।
इससे एलपीजी की कालाबाजारी करने वाले खूब चांदी कूट रहे हैं। कम आमदनी वाले प्रवासी कामगारों और मजदूरों के परिवारों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि एलपीजी गैस वितरक छोटे एलपीजी गैस कनेक्शन मुहैया करवा रहे हैं लेकिन इसके लिए कुछ कागजी प्रक्रिया पूर्ण करनी पड़ती है। कामगारों में नेहा, पायल, रामलाल, भुवनेश, राहुल, मिथलेश, सरोज, राजू व बबलू तिवारी ने बताया कि उन्हें रसोईघर के लिए ईंधन बहुत ऊंचे दामों पर खरीदना पड़ रहा है। छोटा 5 किलोग्राम क्षमता का एलपीजी सिलिंडर 550 से 600 रुपये में भरवाना पड़ रहा है। परिवार के सदस्यों की संख्या के लिहाज से माह में कई बार दो या तीन बार भी भरवाना पड़ता है। महंगाई के दौर में दो वक्त की रोटी जुटा पाना जहां आम आदमी के लिए मुश्किल हो रहा है, वहीं रसोई के लिए ईंधन का जुगाड़ एक बड़ी चुनौती बन गई है।
उन्होंने मांग की है कि प्रवासी कामगारों को स्थायी या अस्थायी एलपीजी कनेक्शन दिए जाएं ताकि महंगाई में कुछ राहत मिल सके।
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औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में कार्यरत बाहरी राज्यों के कामगार 5 किलोग्राम क्षमता वाले एलपीजी गैस कनेक्शन ले सकते हैं। इसके लिए उन्हें नियोक्ता का सत्यापन पत्र, आधार कार्ड और 1150 रुपये सिक्योरिटी राशि जमा करनी होगी। 5 किलोग्राम क्षमता वाले सिलिंडर की 318 रुपये रिफील कीमत भी निर्धारित की गई है। कामगार उपरोक्त कागजी प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद गैस कनेक्शन ले सकते हैं।
इकबाल मोहम्मद, अधिकृत एलपीजी वितरक, कालाअंब।
-संवाद