असुरक्षित घोषित होने के बावजूद नहीं गिराया जा रहा खस्ताहाल भवन
हाटी किसान संघ समेत कई संगठन उठा चुके इस भवन को गिराने की मांग
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब(सिरमौर)। लघु सचिवालय के समीप दशकों पुराना पांवटा साहिब किसान भवन खस्ताहाल स्थिति में है। बदहाल हो चुके चार कमरों को असुरक्षित भी किया गया है। यह भवन नशेड़ियों का अड्डा बनता जा रहा है। इससे हादसे का खतरा बना रहता है। पिछले छह वर्षों में कई बार इसके निरीक्षण किए गए हैं। इसके बावजूद जर्जर भवन को नहीं गिराया जा सका है।
हाटी किसान संघ अध्यक्ष कुंदन सिंह शास्त्री, रामभज चौहान, अतर सिंह नेगी, कुंदन सिंह चौहान, मनोज चौहान, सूरत सिंह, नसीम, रामलाल, हरजीत सिंह, रमेश शर्मा और तपेंद्र चौहान का कहना है कि नगर परिषद खेल मैदान और लघु सचिवालय के एकदम साथ लगते ही दो मंजिला किसान भवन में उपरी मंजिल में किसानों को ठहरने की व्यवस्था है। नीचे तहसील कल्याण विभाग कार्यालय, कृषि विभाग तथा मृदा एवं संरक्षण विभाग कार्यालय संचालित हो रहे हैं।
इसके एकदम साथ ही पीछे दशकों पुराना किसान भवन है जिसमें चार कमरे जर्जर हालत में हैं। इसका लेंटर लटका हुआ है, दीवारें, खिड़कियां -दरवाजे टूट चुके हैं। एकदम गिरने के कगार पर ही है। कई वर्ष पहले भवन को असुरक्षित घोषित कर दिया गया है। पिछले कई वर्षों से पांवटा साहिब के इस जर्जर भवन का अधिकारी निरीक्षण भी कर चुके हैं लेकिन दशकों पुराने जर्जर किसान भवन को आज तक भी गिराया नहीं गया है। दशकों पुराने जर्जर भवन को समय रहते गिरा दिया जाए। इस स्थल पर कर्मचारियों के लिए दर्जनों वाहनों की पार्किंग हो सकती है।
रामलाल शर्मा, दिनेश शर्मा, भरत ठाकुर, अनिल अत्री व सुभाष राणा का कहना है कि अब इस जर्जर सुनसान भवन में शाम के समय नशेड़ियों की गतिविधियां देखने को मिलतीं हैं। चोरी छिपे कुछ नशेड़ी कमरों के भीतर बैठ कर नशा करते हैं। ऐसे में कभी भी जर्जर किसान भवन में हादसा हो सकता हैै। इस खस्ताहाल भवन के एकदम साथ ही लगती हुई कैंटीन भी है। इस तरफ से भी कई बार लोग इस भवन की तरफ खुले में पेशाब करने निकलते हैं। जबकि भवन का लेंटर और दीवारें एकदम जर्जर हालत में हैं।
तहसीलदार पांवटा साहिब ऋषभ शर्मा ने बताया कि दशकों पुराना किसान भवन असुरक्षित घोषित किया गया है। इसके जर्जर हालत में चार कमरे गिराए जाने हैं। अभी तक कमरे गिराने की अनुमति उच्चाधिकारियों से नहीं मिली है।
संवाद
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