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सत्ताधारी पार्टी देश में पैदा कर रही निरंकुश और आपातकाल जैसे हालात : तरसेम सिंह सग्गी

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पांवटा साहिब से दिल्ली जा रहे संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य किसानों की गाड़ियों को नाकाबंदी में
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हिमाचल प्रदेश संयुक्त किसान मोर्चा के वाहनों को पानीपत नाकाबंदी के दौरान रोका, किसान गिरफ्तार
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किसान बोले आगे बढ़ने से रोका गया व अधिकतर किसानों के मोबाइल फोन थाने में जमा करवाए

संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। संयुक्त किसान मोर्चा हिमाचल प्रदेश से जुड़े किसान मंगलवार तड़के दिल्ली किसान घाट तथा जंतर मंतर में हो रहे शांतिपूर्वक धरने में शामिल होने को रवाना हुए। आधा दर्जन वाहनों में करीब तीन दर्जन किसान सवार थे। इनके वाहनों को पानीपत के समीप नाकाबंदी कर पुलिस ने रोक लिया है। वाहनों में सवार किसानों को गिरफ्तार कर लिया गया है। किसानों के मोबाइल फोन थाने में जमा करवा दिए गए है।
बता दें कि पांवटा साहिब से आधा दर्जन वाहनों में सवार होकर करीब तीन दर्जन किसान दिल्ली के लिए रवाना हुए। रवाना हुए किसानों का नेतृत्व संयुक्त किसान मोर्चा अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) तरसेम सिंह सग्गी तथा हिमाचल किसान सभा के उपाध्यक्ष गुरविंद्र सिंह गोपी कर रहे थे। पड़ोसी राज्य हरियाणा के सात नाकों को पार करके पानीपत पहुंचे। पानीपत नाके में पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष व साथ चल रही दूसरी गाड़ी को आगे जाने से रोक लिया।
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दोनों गाड़ियों में सवार किसान यूनियन प्रदेश अध्यक्ष सग्गी, हिमाचल किसान सभा उपाध्यक्ष गुरविंद्र सिंह गोपी, जगजीत सिंह, बलदेव सिंह व हरजीत सिंह समेत 11 किसानों को पानीपत 13-11 सेक्टर थाना में गिरफ्तार कर लिया गया है। इन किसानों ने दिल्ली जंतर मंतर धरना प्रदर्शन व किसान घाट पर जाने से रोकने पर नाराजगी व्यक्त की है।
तरसेम सिंह सग्गी और गुरविंद्र सिंह गोपी ने बताया कि ये लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा ही है। केंद्र में सत्ताधारी पार्टी के इशारे पर निरंकुशवादी और आपातकाल जैसे हालात पैदा किए जा रहे हैं। क्या किसान घाट दिल्ली में किसान शांतिपूर्वक पंचायत भी नहीं कर सकता है। गिरफ्तार कर अधिकतर किसानों से मोबाइल फोन तक थाने में जमा करवा दिए गए हैं। किसान नेताओं ने बताया कि बाकी चार वाहनों में सवार किसानों से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। ऐसे कयास है कि सभी को नाकाबंदी के दौरान जबरन गिरफ्तार कर लिया गया है।
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किसान नेताओं का कहना है कि ये भाजपा की सरकार के जुल्म है, कि दिल्ली किसान घाट और जंतर मंतर पर चल रहे शांतिपूर्वक धरने में भी नहीं जाने दे रहे हैं। क्या किसान मंगलवार को नौजवानों के आंदोलन को भ्रष्टाचार के खिलाफ समर्थन देने भी नहीं जा सकता? क्या किसान शांतिपूर्वक किसान घाट पर किसान पंचायत भी नहीं कर सकता?

पांवटा साहिब से दिल्ली जा रहे संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य किसानों की गाड़ियों को नाकाबंदी में

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