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अमेरिकी राष्ट्रपति के दबाव में केंद्र सरकार कर रही है ट्रेड डील : संयुक्त किसान मोर्चा

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एसडीएम  गुंजीत सिंह चीमा को ज्ञापन सौंपते हुए  संयुक्त किसान मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल/ संवाद
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कहा, संसद में लाया जा रहा सीड बिल को लेकर भी किसान करेंगे विरोध
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एसडीएम पांवटा साहिब जीएस चीमा के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। संयुक्त किसान मोर्चा पांवटा साहिब इकाई मोदी सरकार के ट्रेड बिल का विरोध कर रही है। इसको अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में लाने का आरोप लगा रही है। इसके साथ ही संसद में लेकर आ रहे सीड बिल को भी किसान विरोधी करार दिया है। अपनी मांगों को लेकर एसडीएम पांवटा साहिब के माध्यम से देश की राष्ट्रपति को भेजा जा रहा है। इस बिल को तुरंत प्रभाव से रोकने की मांग उठाई गई है।
संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक व अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी), सह संयोजक गुरविंदर सिंह गोपी व मीडिया प्रभारी हरजीत सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार पूरी तरह अमेरिका के दबाव में ट्रेड डील कर रही है। ट्रेड डील पूरी तरह से आमजन के विरोध में है। इसलिए किसानों के हितों को देखते हुए इस डील को तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए। वहीं, मोदी सरकार जो सीड बिल (नया) लेकर आ रही है वो भी पूरी तरह से किसान विरोधी हैं।
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किसान नेताओं ने बताया कि मनरेगा के स्थान पर नाम बदल दिया गया है। 300 दिन का रोजगार को नजर अंदाज करते हुए, इसमें 125 दिनों का ही रोजगार दिया जा रहा है। जबकि राज्य व केंद्र का अनुपात 10-90 की जगह 40-60 कर दिया गया है। जो हिमाचल जैसे राज्य, जिसकी आमदनी से ज्यादा खर्च है।
हिमाचल में ये योजना वरदान की तरह रही है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाना गलत है। वहीं किसानोंं ने मोदी सरकार के माध्यम से स्मार्ट मीटर आम जन को विश्वास में लिए बगैर लगाने को गलत करार दिया है। बिजली बोर्ड की संपत्तियों को कौड़ी के भाव बेचा जा रहा है। अपनी मांगों को लेकर संयुक्त किसान संघ ने एसडीएम पांवटा साहिब को ज्ञापन सौंपा है।
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एसडीएम पांवटा साहिब गुंजीत सिंह चीमा ने ज्ञापन मिलने की पुष्टि की है। एसडीएम ने कहा कि विभिन्न मांगों को लेकर प्राप्त हुआ संयुक्त किसान मोर्चा का ज्ञापन राष्ट्रपति तक पहुंचा दिया जाएगा।
संवाद
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