एक साल के बाद आमजन के लिए खुले महल के कपाट, शाही महल में गूंजे नगर खेड़ा के जयकारे
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन(सिरमौर)। सिरमौर रियासत की ऐतिहासिक राजधानी रहे नाहन शहर में रविवार को भक्ति और राजसी वैभव का अद्भुत मेल देखने को मिला। नगर खेड़ा महाराज के वार्षिक उत्सव के अवसर पर जब शाही महल के भारी-भरकम कपाट आम जनता के लिए खुले, तो पूरी फिजां श्रद्धा और कौतूहल से भर उठी। राजवंश के सदस्यों की मौजूदगी में हजारों शहरवासियों ने न केवल खेड़ा महाराज के दर पर माथा टेका, बल्कि रियासतकालीन भव्यता को भी करीब से निहारा।
शहर के ऐतिहासिक बड़ा चौक में रविवार को श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। अवसर था नगर खेड़ा महाराज के वार्षिक भंडारे का, लेकिन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा शाही महल। लंबे समय बाद जब महल के कपाट आम जनता के लिए खुले, तो भक्तों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। लोगों ने न केवल खेड़ा महाराज का आशीर्वाद लिया, बल्कि राजसी वैभव के बीच यादगार तस्वीरें भी साझा कीं।
खेड़ा मंदिर समिति की ओर से आयोजित इस वार्षिक उत्सव में शाही महल का हिस्सा सबसे प्रमुख रहा। मंदिर में दर्शनों के लिए महल के दरवाजे खोल दिए गए थे, जहां राजवंश से जुड़ीं दिव्यश्री ने स्वयं मौजूद रहकर व्यवस्थाओं और परंपराओं की जानकारी मीडिया को दी।
महल के भीतर की वास्तुकला और ऐतिहासिक विरासत को करीब से देख रहे लोग मंत्रमुग्ध नजर आए। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई इस दुर्लभ अवसर को अपने कैमरे में कैद करने के लिए उत्साहित दिखा।
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रात को बसेरा, सुबह हवन के साथ आहुतियां
उत्सव की शुरुआत शनिवार रात को बसेरा के साथ हुई, जिसमें देर रात तक गुग्गा महाराज का गुणगान किया गया। रविवार सुबह माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। सबसे पहले बड़ा चौक स्थित खेड़ा मंदिर से माता की कढ़ाई कालीस्थान मंदिर ले जाई गई। इसके बाद शहर के सबसे पुराने शाही महल स्थित खेड़ा मंदिर में महाराज को मीठे चावलों की देग अर्पित की गई।
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भंडारे में उमड़ा जनसैलाब
बड़ा चौक में आयोजित भव्य भंडारे में सुबह 11 बजे से ही लोगों का तांता लगना शुरू हो गया था। समिति के महासचिव गौरव गुप्ता और राकेश गर्ग ने बताया कि शहर के व्यापारियों और स्थानीय निवासियों के सहयोग से यह आयोजन सफल रहा। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में खेड़ा मंदिर समिति के सदस्यों सहित शहर के दुकानदारों ने सक्रिय भूमिका निभाई। राजवंश के सदस्यों की महल में उपस्थिति ने इस आयोजन को एक शाही गौरव प्रदान किया, जिसे लेकर पूरे शहर में चर्चा बनी रही।
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नाहन के बड़ा चौक में खेड़ा महाराज के वार्षिक भंडारे का प्रसाद ग्रहण करते लोग। संवाद
नाहन के बड़ा चौक में खेड़ा महाराज के वार्षिक भंडारे का प्रसाद ग्रहण करते लोग। संवाद
नाहन के बड़ा चौक में खेड़ा महाराज के वार्षिक भंडारे का प्रसाद ग्रहण करते लोग। संवाद
नाहन के बड़ा चौक में खेड़ा महाराज के वार्षिक भंडारे का प्रसाद ग्रहण करते लोग। संवाद
नाहन के बड़ा चौक में खेड़ा महाराज के वार्षिक भंडारे का प्रसाद ग्रहण करते लोग। संवाद