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Sirmour News: चूम खे फंदा झूल गया, वो भी एक मां का बेटा था कविता से देशप्रेम संदेश

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पांवटा साहिब में आयोजित कवि गोष्ठी में काव्य पाठ करतेकवि: संवाद
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चूम खे फंदा झूल गया, वो भी एक मां का बेटा था... कविता से दिया देशप्रेम संदेश
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पांवटा साहिब में आयोजित कवि गोष्ठी में कवियों ने किया काव्यपाठ
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी आरपी तिवारी ने किया शुभारंभ


संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। विधा कला एवं सांस्कृतिक संस्था पांवटा साहिब की ओर से कवि गोष्ठी का आयोजन करवाया गया। कार्यक्रम के मुख्यातिथि हिमोत्कर्ष संस्था सिरमौर के अध्यक्ष समाजसेवी राजेंद्र प्रसाद तिवारी और विशिष्ट अतिथि सुरेंद्र कुमार बिश्नोई ने गोष्ठी का शुभारंभ किया।
इस दौरान स्थानीय वरिष्ठ व नवोदित कवियों ने अपने काव्य पाठ से देश की आजादी के संघर्ष, बलिदान, नारी शक्ति संघर्ष, गजल और विभिन्न कविताओं से संदेश दिया है।
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दीपक जोशी ने कवि गोष्ठी के दौरान मंच संचालन किया। वरिष्ठ कवियत्री सावित्री तिवारी आजमी ने गणतंत्र दिवस, हिमाचल दिवस समेत आजादी के संघर्ष के दौर पर कविता पाठ किया। अपनी कविता में एक बार मौका मिला मंगरू का विवाह कविता से बेहतरीन संदेश देने वाली प्रस्तुति दी।
रेणू गोस्वामी ने चलो न आज फिर एक नई शुरुआत करते हैं, बिन बोले बिन कहे एक नई दुनियां आबाद करते हैं तथा वो पहली मुलाकात, मेरा वक्त पर कभी न आना कविता से खूब समां बांध दिया।
संजय भारद्वाज ने अपनी गजल प्रस्तुति जब से देखा है उसे खुद से बेजार हो गए तथा सिफर हो गई जमाने की दुआएं तेरे तोहमत बड़ी थी मेरे भाग से तालियां बटोरीं। कवियत्री सीमा बोस ने अपनी कविता कब तक अग्नि परीक्षा मैं ही करवाऊं, हर बार धरती में समाऊं तथा मोक्षदायिनी सदा अमृतमयी ही रहेगी कविता से नारियों के समाज में दशा पर खूब तंज कसे।
जीवन प्रकाश जोशी ने अपनी कविता कितनी निराली है सफलता की गंध इसे हर कोई महसूस नहीं कर सकता से बेटियों की विभिन्न क्षेत्रों में सफलता के लिए संघर्ष का बखूबी वर्णन किया।
सुरेश कुमार ने शहीदों की कुर्बानी को कभी बदनाम होने नहीं देंगे, ए भारत मां हम तेरा आंचल नीलाम होने नहीं देंगे कविता की प्रस्तुति दी। कवि गोष्ठी में सबसे युवा कवि गौरव ने चूम के फंदा झूल गया, वो भी एक मां का बेटा था से देश के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की। घर के दरवाजों पर जंजीरें बांधी गईं तथा याद में तोड़ती सारी दिवारें, किसी का कोई एहसान नहीं रखा मैंने,,, कविता से पूरी महफिल लूट ली।
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कवि गोष्ठी के अंत में मुख्यातिथि राजेंद्र प्रसाद तिवारी ने सभी कवियों का आभार प्रकट किया।
कार्यक्रम के दौरान विधा कला एवं सांस्कृतिक संस्था पांवटा के संस्थापक एवं पूर्व अध्यक्ष स्व. आरएम रमौल व वरिष्ठ पत्रकार व वरिष्ठ कवि स्व. नरेंद्र मोहन रमौल को श्रद्धांजलि दी गई।
संवाद
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