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फिर खतरे की जद में आया करमोटी गांव

Sat, 13 Aug 2016 10:34 PM IST
ब्यूरो अमर, उजाला राजगढ़ (सिरमौर)।
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राजगढ़ (सिरमौर)। राजगढ़ उपमंडल के पझौता क्षेत्र के तहत आने वाले करमोटी गांव को फिर खतरा पैदा हो गया है। पिछले साल यहां बादल फटने की घटना से भारी नुकसान हुआ था। अब मूसलाधार बारिश की वजह से नाले में बाढ़ आ गई है। नाले का जल स्तर बढ़ने के कारण गांव के आधा दर्जन से अधिक घरों को खतरा पैदा हो गया है। तीन घरों में तो बरामदे तक पानी पहुंच गया है। भू-कटाव भी होने लगा है जिससे ग्रामीण सहमे हुए हैं।

करमोटी निवासी सतेंद्र कुमार, सुभाष तथा लायकराम ने बताया कि शुक्रवार को सुबह चार बजे से दिन में दो बजे तक भारी बारिश हुई जिस कारण नाले में पानी के साथ एकबार फिर भारी मलबा आ गया। इससे नाले का रुख मुड़ गया और पानी उनके मकानों के बरामदे तक चढ़ गया। यही नहीं मकानों के पास भूमि का कटान भी होने लगा है। पिछले साल भी बादल फटने के कारण आए मलबे की वजह से सतेंद्र, सुभाष, सुरेंद्र, लायकराम, शमशेर, रूपेंद्र व बृजमोहन आदि के मकानों में मलबा घुस गया था और अनेकों पालतू जानवर गाय, बैल आदि मर गए थे। उस समय जिला प्रशासन व राजनेता तो यहां पर हमदर्दी जताने आए लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी कोई समुचित व्यवस्था यहां के लिए नहीं की गई है।
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ग्रामीणों ने बताया कि यदि खंड विकास कार्यालय के माध्यम से यहां करीब डेढ़ लाख रुपये की लागत से नाली नहीं बनाई गई होती तो वीरवार को हुई बारिश में भारी नुकसान हो सकता था। पिछले साल यहां आए मलबे को हटाने तथा यहां पर क्रेट वायर के डंगे लगाने के लिए आठ लाख रुपये का प्राक्कलन जिला प्रशासन को भेजा गया था। उसकी मंजूरी आज तक नहीं मिली। गौरतलब है कि ‘अमर उजाला’ इस मामले को कई बार उठा चुकी है।
उधर, उपतहसील नौरी के कानूनगो रूपराम हितैषी ने बताया कि नाले में मलबा भरने के कारण मकानों को जाने का खतरा बना हुआ है। इस बारे आला अधिकारियों को अवगत करवाया जा रहा है।
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16 घंटे बंद रहा हरिपुरधार-सोलन सड़क मार्ग
हरिपुरधार (सिरमौर)। शुक्रवार रात को हरिपुरधार सोलन मार्ग पर भारी चट्टानें आने के कारण यह मार्ग 16 घंटे तक बंद रहा। हरिपुरधार से तीन किमी दूर उजाली नामक स्थान पर रात को करीब 11 बजे लगभग 100 मीटर की ऊंची पहाड़ी से एक बड़ी चट्टान गिर कर सड़क पर आ गई। चट्टान को बलास्ट करके तोड़ना पड़ा। इस वजह से इस मार्ग पर यातायात ठप रहा। शनिवार दोपहर करीब तीन बजे ही यातायात बहाल हो पाया। सड़क बंद होने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी पटवारी की परीक्षा देने के लिए संगडाह जा रहे अभ्यर्थियों को उठानी पड़ी। सैल, चुनवी, बोर्ड आदि गांव के अभ्यर्थियों को पैदल चल कर हरिपुरधार आना पड़ा। सड़क बंद होने के कारण कई छात्र परीक्षा देने से वंचित रह गए। राजगढ़, सोलन, शिमला व चंडीगढ़ जाने वाले सैकड़ों यात्रियों को भारी परेशानियां हुई। चौपाल व नेरवा से चंडीगढ़ जाने वाली सेब की दर्जनों गाड़ियां रात भर हरिपुरधार में ही फंसी रहीं। सुबह सेब की सभी गाड़ियां वाया रेणुकाजी नाहन होते हुए चंडीगढ़ के लिए रवाना हुई।
 
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