सतौन (सिरमौर)। शिलाई डिविजन के तहत आने वाली सतौन-रेणुकाजी सड़क पर तीसरे दिन भी आवाजाही पूरी तरह से ठप रही। इससे इलाके के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सतौन से एक किमी की दूरी पर टिक्कर खड्ड के समीप ग्रामीणों को कीचड़ और मलबे से सनी सड़क के बीच पैदल सफर तय करना पड़ रहा है। विभाग की दो मशीनें इस रोड को सुचारु करने में लगी हुई हैं, लेकिन खड्ड में पानी के साथ मलबे के चलने के कारण मार्ग को खोलने में विभाग भी नाकाम साबित हो रहा है।
इस मार्ग पर पिछले तीन दिन से यातायात सुविधा बाधित है। विभाग दिन भर कार्य कर रोजाना शाम को 5 बजे तक रोड छोटी गाड़ियों के लिए खोल देता है, लेकिन रात को बरसात होने के कारण सड़क दोबारा से सुबह तक बंद हो जाती है। टिक्कर खड्ड में भारी मात्रा में मलबा आ रहा है। स्कूली छात्रों और रोजमर्रा के कार्य करने पांवटा और अन्य जगह जाने वाले मुसाफिरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पूरी सड़क भारी मात्रा में कीचड़ से सनी हुई है।
टिक्कर खड्ड के अलावा अंबोण खड्ड ने विभाग की नाक में दम कर रखा है। हालांकि विभाग ने दो मशीनों से युद्घ स्तर पर रोड को खोलने का कार्य जारी रखा हुआ है लेकिन दिनभर कार्य करने के बाद दूसरी सुबह सड़क की हालत पहले जैसी ही मिलती है। इस रोड पर पैदल आवाजाही भी खतरे से खाली नहीं है।
दूसरी ओर रेणुका से सतौन व सतौन से रेणुका की तरफ आने जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इलाके के लोग न तो फसलों को मंडियों तक पहुंचा पा रहे हैं और न ही स्वयं भी समय पर गंतव्य स्थानों तक लोग पहुंच पाते हैं।
उधर, विभाग के कनिष्ठ अभियंता आतीश ठाकुर ने बताया कि विभाग की दो मशीनें सतौन-रेणुकाजी रोड को सुचारु रखने में लगाई हुई हैं लेकिन रोजाना रात को बरसात होने के कारण पूरे दिन के कार्य पर पानी फिर रहा है। उन्होंने बताया कि फिर भी विभाग का प्रयास है कि जल्द ही रोड को दुरुस्त कर दिया जाए।