कार के नदी में पहुंचते ही सवारों में चीख-पुकार मच गई। चारों ओर तेज बहाव और कार के अंदर फंसे लोगों के सामने बाहर निकलने की चुनौती थी। इस दौरान तीन वर्षीय जपलीन की मां ने हिम्मत नहीं हारी। उसने बच्ची को अपने दुपट्टे से कमर में बांध लिया, ताकि कार के बहने के दौरान वह उससे अलग न हो जाए। खिड़की बंद होने से बाहर निकलने का रास्ता न रुक जाए, इसके लिए मां ने अपना पैर खिड़की में अड़ा दिया। कुछ पल तक छह लोग उफनती नदी के बीच जिंदगी बचाने के लिए संघर्ष करते रहे। आसपास के ग्रामीणों को जैसे ही हादसे की सूचना मिली, वे मौके की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद कार में फंसे सभी छह लोगों को बाहर निकाल लिया।
हादसे की सूचना पुलिस और 108 एंबुलेंस को दी गई। एंबुलेंस के पहुंचने पर सभी छह घायलों को मेडिकल कॉलेज नाहन ले जाया गया। घायलों में कार चालक उमेश सिंह निवासी सेक्टर-36 डी, चंडीगढ़, सुरजीत सिंह, लीला देवी, रमनदीप और तीन वर्षीय जपलीन, सभी एसएएस नगर (मोहाली) निवासी शामिल हैं। उपचार के बाद सभी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। कार सवारों ने हादसे के संबंध में पुलिस में कोई मामला दर्ज करवाने से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां उन्हें सड़क का गड्ढा लगा था। जैसे ही गाड़ी अनियंत्रित हुई, तब एहसास हुआ कि वह सड़क का गड्ढा नहीं बल्कि गहरी खाई थी।
तीन-चार साल से मरम्मत की गुहार, अब भी खतरनाक बना मोड़
छह लोगों के बाल-बाल बचने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा सड़क की बदहाली और सुरक्षा इंतजामों पर फूट पड़ा। ग्रामीण तेजवीर सिंह, जगपाल, राकेश, वीर सिंह, जयपाल और संजीव आदि ने बताया कि इस स्थान पर सड़क की मरम्मत की मांग वे पिछले करीब तीन-चार साल से करते आ रहे हैं। बारिश के कारण सड़क की हालत और खराब हो जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि एक ओर तीखा मोड़ है, दूसरी ओर नीचे गहरी ढलान और उसके बाद मारकंडा नदी। इसके बावजूद यहां पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। कई बार संबंधित विभाग के समक्ष समस्या उठाई गई, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग मानों किसी बड़े हादसे के इंतजार में है। शुक्रवार को छह लोगों की जान बच गई, लेकिन हर बार किस्मत साथ दे, यह जरूरी नहीं। ग्रामीणों ने यहां मजबूत क्रैश बैरियर, चेतावनी बोर्ड और क्षतिग्रस्त सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की है।
सुबह सकेती सड़क पर हादसे के बाद सभी घायलों को पुलिस ने मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन पहुंचाया। सभी सुरक्षित हैं।-एनएस नेगी, एसपी सिरमौर