प्रदेश के धर्मशाला, सुंदरनगर और पांवटा शहरों को संपूर्ण स्वच्छ बनाने की कवायद तेज हो गई है। इन शहरों में जर्मन तकनीक से अंडर ग्राउंड डस्टबिन लगाए जाएंगे। इसके लिए सर्वे शुरू हो गया है। इसके लिए बंगलुरू जोंटा की इंफ्राटेक कंपनी के विशेषज्ञों की टीम शुक्रवार को पांवटा पहुंची। टीम ने शहर में प्रस्तावित 40 अंडर ग्राउंड डस्टबिन स्थलों को चिन्हित कर लिया है।
हिमाचल शहरी विकास विभाग ने धर्मशाला, सुंदरनगर व पांवटा शहरों को इस योजना के लिए चिन्हित किया है। कंपनी को करीब 15.99 करोड़ का टेंडर अवार्ड किया गया है। इन शहरों में आधुुनिक तकनीक वाली योजना का सर्वे हो रहा है। पांवटा में सर्वे की पूरी रिपोर्ट तैयार करने के बाद डस्टबिन लगाने का कार्य शुरू हो जाएगा।
देश के दो शहरों बंगलुरू व चेन्नई में आधुुनिक योजना शुरू हो चुकी है। अब हिमाचल के तीन शहरों में भी इस योजना का सर्वे शुरू हो रहा है। शुक्रवार को बंगलूरू की कंपनी परियोजना प्रबंधक के माध्यम से विशेषज्ञ टीम सदस्यों आयुष शर्मा, सुनील चौहान, अर्बन डेवलपमेंट नाहन के प्रतिनिधि साहिल व पांवटा नप कमेटी के स्वच्छता पर्यवेक्षक व नोडल आफिसर प्रदीप दीक्षित की टीम ने पांवटा में चिन्हित स्थलों का सर्वे किया।
पूरे शहरी क्षेत्र के 13 वार्डों में 40 स्थलों पर अंडर ग्राउंड डस्टबीन लगने है। हर स्थल पर 2 डस्टबीन सूखे व गीले कूड़े डालने के लिए लगेंगे। कूड़ेदान भरने पर सेंसर से संदेश शहर के योजना के कंट्रोल कक्ष में पहुंचेगा। उसके बाद गारबेज उठाने के लिए क्रेन गाड़ी पहुंचेगी। कूड़ा उठाने के बाद डस्टबिन वहीं रख दिया जाएगा।
उधर, ईओ नप का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे एसडीएम पांवटा एचएस राणा ने पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पांवटा में योजना का सर्वे कार्य चल रहा है। सर्वे के बाद अंडर ग्राउंड डस्टबीन योजना कार्य शुरू हो सकेगा।