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न बाढ़ का भय, न पुलिस का खौफ; बीच नदी में खनन पर जोर

Fri, 05 Aug 2016 11:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नाहन
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पांवटा क्षेत्र के खनन माफिया पर प्रशासन की चेतावनी का असर नहीं दिख रहा है। बेधड़क खनन माफिया उफनती यमुना और गिरि नदी में खनन कर रहे हैं। पहले भी यमुना नदी की उफनती लहरों के बीच फंसे एक दर्जन से अधिक लोगों को स्थानीय प्रशासन बचा चुका है। अब दोबारा माफिया यमुना नदी में खनन की फिराक में है।
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कई लोग यमुना व गिरि नदी में दर्जनों ट्रैक्टर में रेत व बजरी भरने के कार्य में जुटे हैं। उन्हें न तो पुलिस का खौफ है न ही नदी के उफान का भय। पिछले दो दिनों से गिरि व यमुना नदियों का जलस्तर कम होते ही मानों अवैध खनन माफिया की बाढ़ आ गई। बुधवार और वीरवार को बारिश न होने से नदियों का पानी कुछ कम जरूर हुआ है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है।

जिला व पुलिस प्रशासन नदियों में न जाने पर पहले ही रोक लगा चुका है। बावजूद इसके यमुना-गिरि नदी में दर्जनों ट्रैक्टर में रेत बजरी भरे जा रहे हैं। दिनदहाड़े लोग नदियों के बीच जाकर रेत बजरी का स्टॉक जमा कर रहे। अपनी जान जोखिम में डाल कर एक दिन में दर्जनों ट्रैक्टरों से रेत व बजरी निकाल रहे हैं।
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राजबन पुलिस चौकी के अंतर्गत गिरि नदी में अवैध खनन शुरू हो रहा है। पानी के बहाव के साथ नदी के दोनों छोर पर रेत-बजरी जमा हो रही है। वहीं आसपास के इलाकों के लोगों का कहना है कि ट्रैक्टरों की आवाजाही के कारण रात को सोना भी मुश्किल हो गया है। बारिश से पहले ही जलस्तर में वृद्घि हुई है। साथ ही बांध का पानी कभी भी छोड़ा जा सकता है।

ऐसे में बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है, लेकिन माफिया अपनी जान की परवाह किए बिना रेत व बजरी से मोटी कमाई के धंधे में लगे हैं। उधर, राजबन पुलिस चौकी प्रभारी मदन लाल ने बताया कि पुलिस खनन माफिया पर नजर रखे हुए है। खनन माफिया पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है।
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