राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ पांवटा इकाई प्रधान पूर्ण तोमर ने कहा कि सरकारी स्कूलों में घटती बच्चों की संख्या चिंता का विषय है। स्कूलों में गुणवत्ता शिक्षा पर बल दिया जाना जरूरी है। पहले की भांति परीक्षा पर आधारित पद्धति फिर से बहाल की जाए। वेतन विसंगतियां दूर हों और जेबीटी अध्यापकों को पदोन्नति मिले। पांवटा इकाई अध्यक्ष रविवार को बीआरसी सभागार में आयोजित बैठक में संबोधित कर रहे थे।
बैठक में सरकार से मांग रखी गई कि जेबीटी पद पर कार्यरत पात्र अध्यापकों को भाषा अध्यापक की तर्ज पर कला अध्यापक व शारीरिक अध्यापकों के पद पर पदोन्नति का कोटा निर्धारित किया जाए। 4-9-14 की विसंगतियों को दूर कर, सभी वित्तीय लाभ प्रदान करें। सभी शिक्षकों को पेंशन व भविष्य निधि सुविधा मिलें। लंबित बिलों का शीघ्र भुगतान हो और जुलाई 2015 से देय महंगाई किश्त 6 फीसदी किश्त तुरंत मिले।
बैठक में स्कूली बच्चों को आधुनिक शिक्षा में गुणवत्ता, बच्चों के सर्वांगीण विकास, प्रत्येक पाठशाला में पूर्व पाठशाला खोलने, बच्चों के अधिक नामांकन, प्रत्येक कक्षा में एक अध्यापक की व्यवस्था, शैक्षणिक सत्र के मध्य स्थानांतरण व युक्तिकरण पर रोक लगे। विद्यार्थी-शिक्षक अनुपात को घटाया जाए व जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। पांवटा क्षेत्र के अध्यापकों की मांगों व समस्याओं को सरकार व उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।
इस अवसर पर प्रधान पूर्ण तोमर, महासचिव गोपाल सिंह, कोषाध्यक्ष रचना यादव, रणजीत शर्मा, राजकुमार, परनीत कौर, धारेश्वर, शाहिद समेत राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ पांवटा इकाई के सदस्य मौजूद रहे।