कृषि विज्ञान केंद्र ने गाजर घास के उन्मूलन एवं जागरुकता सप्ताह का किया आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
धौलाकुआं (सिरमौर)। कृषि विज्ञान केंद्र, सिरमौर धौलाकुआं की ओर से पार्थेनियम (गाजर घास) उन्मूलन पर जागरुकता सप्ताह के तहत कार्यक्रम आयोजित किए। कार्यक्रम में गाजर घास जैसी हानिकारक खरपतवार के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रभारी डॉ. पंकज मित्तल ने बताया कि यह मूलत: अमेरिका महाद्वीप से आया हुआ पौधा है, जो अब पूरे भारत में बहुत तेजी से फैल चुका है। गाजर घास न केवल फसलों के लिए हानिकारक है, बल्कि यह मनुष्यों और पशुओं के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती है। भारत सरकार के केंद्रीय कृषि मंत्रालय के निर्देशानुसार पूरे देश में प्रतिवर्ष यह साप्ताहिक अभियान चलाया जाता है ताकि लोगों को इसके विषय में जागरूक किया जा सके।
उन्होंने बताया कि इसके परागकण से श्वसन और त्वचा संबंधी बीमारियां होती हैं तथा यह फसलों की उत्पादकता को भी नुकसान पहुंचाता है। इस अवसर पर केंद्र से डॉ. शिवाली धीमान, डॉ. हर्षिता सूद, समेत किसान, कार्यालय के कर्मचारी व फील्ड स्टाफ मौजूद रहा।