आदर्श केंद्रीय कारागार नाहन में मिठाई तैयार करते कैदी। संवाद
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आदर्श केंद्रीय कारागार नाहन के कैदी भाई त्योहारी सीजन में लोगों के जीवन में मिठास भरने में जुट गए हैं। कारागार में कैदियों द्वारा उच्च गुणवत्ता से पूर्ण मिठाइयों और बेकरी उत्पादों को तैयार किया जा रहा है। खासबात यह है कि निर्माण के दौरान सफाई का जहां विशेष ध्यान रखा जा रहा है वहीं बाजार से सस्ते दामों पर मिठाई तैयार की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बार त्योहारी सीजन को देखते हुए हिमकारा के तहत कैदी भाईयों द्वारा आदर्श केंद्रीय कारागार नाहन में 47 प्रकार के मिठाई और बेकरी उत्पादों को तैयार किया जा रहा है। इस बार लोगों के घरों में मिठास भरने को लेकर 8 क्विंटल मिठाई तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
वहीं, जेल प्रबंधन द्वारा भी कैदियों को प्रोत्साहित करने को लेकर मुनाफे का 40 प्रतिशत तक दिया जा रहा है ताकि उनके पीछे रह रहा उनका परिवार अच्छे से दिवाली पर्व मना सके। हालांकि आदर्श केंद्रीय कारागार नाहन में देश के अलग-अलग कोने से सजा काट रहे कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने तथा उन्हें उनके परिवारों से जोड़े रखने को लेकर हिमकारा के तहत सालभर अलग-अलग तरह के काम करवाए जाते हैं। जिसमें बेकरी, डेयरी, कृषि, कारपेंटर, कार वाशिंग सहित अन्य कई प्रकार के काम शामिल हैं। त्योहारी सीजन पर कैदियों द्वारा विशेष प्रकार की मिठाईयां जिसमें खासतौर पर कलाकंद, मिल्ककेक, खोया बर्फी, गुलाब जामुन, बेसन बर्फी आदि तैयार किए जा रहे हैं। मिठाअयों के साथ-साथ बेकरी आदि के आकर्षक गिफ्ट पैक भी तैयार किए गए हैं।
इस बार उत्पादों की बिक्री को लेकर जेल प्रबंधन द्वारा 2 बिक्री केंद्र खोल दिए गए हैं। एक बिक्री केंद्र शिमला रोड पर जेल के साथ तथा दूसरा वाशिंग सेंटर के साथ बनाया गया है। उपभोक्ता दिन में यहां से खरीददारी कर सकते हैं। कारागार नाहन में बन रहीं मिठाइयों की गुणवत्ता एवं साफ सफाई को लेकर विशेष ध्यान रखा जा रहा है जिसके चलते लोग भी कैदियों द्वारा बनाई गई मिठाइयों को बेहद पसंद कर रहे हैं।
कारागार में रहने के बावजूद कैदी अपने परिवार का पालन पोषण कर सकें तथा अपने परिवार से जुडें रहें इसको लेकर कारागार में विभिन्न काम करवाए जाते हैं। त्योहारी सीजन के चलते मिठाईयों सहित 47 प्रकार की खाद्य वस्तुएं तैयार की जा रही हैं। इस बार 8 क्विंटल मिठाई बेचने का लक्ष्य रखा गया है। डिमांग बढ़ती है तो और मिठाई भी तैयार की जाएगी। बिक्री का 40 प्रतिशत लाभ कैदियों को दिया जा रहा है ताकि उनके परिवार अच्छे से दिवाली मना सकें।
- विनोद कुमार चम्बयाल, उप अधीक्षक, आदर्श केंद्रीय कारागार नाहन