सुक्खू ने अस्पतालों में ही रक्त जांच की सुविधा पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने तीन चिकित्सा महाविद्यालयों अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज, चमियाना, आईजीएमसी शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज में स्वचालित प्रयोगशालाएं स्थापित करने के लिए 75 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इन प्रयोगशालाओं में एक ही रक्त नमूने से एक साथ कई प्रकार के टेस्ट करवाने की सुविधा मिलेगी। इन प्रयोगशालाओं में आवश्यक मशीनों की खरीद के लिए निविदाएं जारी कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना के उन्नयन के लिए धन की कोई कमी नहीं है और प्रदेश सरकार चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बेहतर गुणवत्ता और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए दवाइयों की खरीद सीधे दवा निर्माण कंपनियों से करने पर भी विचार कर रही है।
इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों तथा अन्य चिकित्सा एवं पैरामेडिकल कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल पर बेहतर कार्य परिस्थितियां उपलब्ध करवाने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। सुक्खू ने कहा कि राज्य के विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों के शिक्षकों और चिकित्सकों के साथ किए गए संवाद के आधार पर चिकित्सा क्षेत्र में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। इन सुझावों को सुधार प्रक्रिया में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि वह शीघ्र ही विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों का दौरा कर चिकित्सकों और शिक्षकों से संवाद करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र को सुदृढ़ बनाना तथा प्रदेशवासियों को राज्य के भीतर ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। बैठक में विधायक कुलदीप राठौर और हरीश जनारथा, स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।