डीएफओ शिमला के नेतृत्व में टीम ने घटनास्थल का किया निरीक्षण
पेट्रोल पंप के समीप घासनी में बड़ी संख्या में पेड़ काटे जाने का आरोप
मामले में दो वन कर्मी पहले ही निलंबित
टीम दस्तावेजों की जांच के साथ स्थानीय लोगों के दर्ज करेगी बयान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिलाई (सिरमौर)। पेट्रोल पंप शिलाई के पास घासनी में 300 से अधिक चीड़ के पेड़ों के कथित अवैध कटान के मामले में प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच के लिए विशेष टीम गठित कर दी है। इस टीम का नेतृत्व डीएफओ शिमला करेंगे। गठित टीम वीरवार को शिलाई पहुंच गई। उन्होंने डीएफओ रेणुका की उपस्थिति में घटनास्थल का निरीक्षण शुरू कर दिया है। टीम मौके पर जाकर पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
गौरतलब है कि पिछले दिनों शिलाई में पेट्रोल पंप के निकट एक घासनी में एक प्रभावशाली परिवार की ओर से बड़ी संख्या में चीड़ के पेड़ काटे जाने का मामला सामने आया था। बताया जा रहा है कि करीब 300 से अधिक पेड़ों को अवैध रूप से काट दिया गया था, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। मामला सामने आने के बाद वन विभाग ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए विभाग के दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था। साथ ही मामले में अन्य जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों और संगठनों ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। अब सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय टीम के मौके पर पहुंचने से उम्मीद जताई जा रही है कि अवैध कटान के पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी। जांच टीम घटनास्थल के निरीक्षण के साथ-साथ संबंधित दस्तावेजों की जांच करेगी और स्थानीय लोगों के बयान भी दर्ज करेगी। जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपे जाने के बाद दोषियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। वन परिक्षेत्र अधिकारी शिलाई विश्वमित्र शर्मा ने बताया कि विशेष जांच टीम मौके पर पहुंच गई है। टीम ने काटे गए पेड़ों की जांच की।